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इस देश के लोग भारतीय फिल्मों के हैं शौकीन, गानों को भी करते हैं पसंद

इस देश को 27 अक्टूबर 1991 को मिली एक पहचान

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Turkmenistan

नई दिल्ली: हिंदी गाने हो या फिर हिंदी फिल्में ये तो लगभग हर किसी के सिर चढ़कर बोलते ही हैं। लेकिन अगर हम कहें कि विदेशी लोग भी हिंदी फिल्मों के दीवाने हैं और हिंदी गाने तो वो गुनगुनाते रहते हैं। आप कह रह होंगे कि कहां होता है ऐसा, तो चलिए आपको बताते हैं इस देश का नाम।

इस देश का नाम है तुर्कमेनिस्तान और ये उत्तर कोरिया की तरह ही दुनिया से कहा हुआ देश सबसे सूखे रेगिस्तानों में से एक है। यहा का 80 फीसदी हिस्सा कराकुम काले रेत वाले रेगिस्तान से ढका हुआ है। यहां बारिश महज 0.12 मिमी. होती है। लेकिन यहां कि वो बात जो सबको हैरान करती है कि यहां के लोग भारतीय फिल्मों को काफी पसंद करते हैं। यहां के लोग हमेशा ही हिंदी फिल्मों के गाने गुनगुनाते रहते हैं। यहां तक कि यहां के कई स्कूलों में बच्चों को हिंदी भाषा भी पढ़ाई जाती है।

यहां की आबादी लगभग 56 लाख के आसपास है और यहां के लोगों का मुख्य पेशा कृषि और पशुपालन है। इस देश में फोटोग्राफी करना और यहां तक कि नागरिकों को खुलकर बोलने की भी आजादी नहीं है। तुर्कमेनिस्तान को तुर्कमेनिया के नाम से भी जाना जाता है। साल 1991 तक ये देश सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन 27 अक्टूबर 1991 को सोवियत संघ से अलग होकर इसे एक नए राष्ट्र के रूप में पहचान मिली।