
मजदूर पति की मौत के बाद घरवाले हो गए खाने को मोहताज, फिर एक दिन ऐसे हुई पैसों की बारिश
नई दिल्ली। परिवार में कमाने वाले सदस्य की अगर मौत हो जाए तो बाकी सदस्यों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। कुछ ऐसा ही हुआ शशि परिहार के साथ जब उनके पति ने उनका साथ छोड़ दिया, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ जिसे किसी चमत्कार से कम नहीं कह सकते।
मामला मध्यप्रदेश की तहसील कोलारस के खोंकर गांव की है। जहां 35 वर्षीय भागीरथ परिहार मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था। घर में पत्नी के अलावा तीन बच्चे भी हैं जिनकी उम्र क्रमश 8, 12 और 13 साल है। इस बीच किसी ट्रक ने भागीरथ को टक्कर मार दी और सड़क हादसे में उसकी जान चली गई।
पत्नी शशि परिहार पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में खाने के लाले पड़ गए। इस बीच एक दिन शशि को याद आया कि भागीरथ ने पांच सौ रुपए में अपना व्यक्तिगत बीमा करवाया था।बिना देर किए वह बैंक पहुंचकर अधिकारियों से इस बारे में बात की।
शुक्रवार के दिन एसबीआई शाखा कोलारस ने शशि को बैंक बुलाकर 10 लाख रुपये क्लेम राशि का चेक दिया। दरअसल, सड़क हादसे के ठीक चार महीने पहले से ही भागीरथ 500 रुपये वार्षिक योजना में व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कराया था जिसकी नोमिनी उसकी पत्नी है। अब जाहिर सी बात है कि इस बीमा क्लेम राशि की हकदार शशि है।
बैंक की ओर से सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शशि को राहत मिली। मुसीबत की घड़ी में इतनी बड़ी रकम किसी वरदान से कम नहीं है। इस रकम से शशि अब अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी और घर का पूरा खर्च भी इसी से निकलेगा।
Published on:
18 Mar 2019 12:17 pm
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