
एक गांव ऐसा जहां आज भी महिलाओं को नहीं है वोट डालने की परमिशन, जिसने किया उसका होता है ये हश्र
नई दिल्ली। इस प्रगतिशील दुनिया में आज भी एक ऐसा गांव बस्ता है जहां की महिलाएं वोट नहीं डालती। ये गांव बसा है पाकिस्तान में जहां के लोकतंत्र में महिलाओं को वोट डालने का अधिकार तो मिला हुआ है, लेकिन फिर भी पाकिस्तान के मोहरी पुर गांव की महिलाओं को वोट डालने की इजाजत नहीं है। आपको बता दें, ऐसा इसलिए, क्योंकि इस गांव के पुरुष नहीं चाहते कि कोई भी महिला चुनाव में किसी तरह की भागीदारी दिखाए। आपको जानकार हैरानी होगी कि इस गांव के पुरुषों ने सन 1947 से ही महिलाओं के पर वोट डालने को लेकर रोक लगा रखी है। यहां की महिलाएं पुरूषों के इस आदेश का पालन हंसी खुशी करती भी हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगर कोई महिला वोट डालने जाती भी है तो उसे पृष्ठों द्वारा प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
गौरतलब है कि, गांव के मुखिया जिनका नाम मलिक खादिम हुसैन है का कहना है कि महिलाओं का वोट न करने की अनुमति अब यहां के एक रिवाजों में से है। उनका कहना है कि, पुरुषों का मानना है कि महिलाएं अगर वोट देंगी तो यह एक तरह से उनका अपमान होगा। इसी तरह महिलाएं अपने बड़ों के फैसलों का पालन करती हैं और वोट नहीं देती। एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यहां की महिलाएं कहती हैं कि अगर वे खुद अकेले वोट देने जाएंगी, तो उधर लड़ाई होगी, उन्हें मारना शुरू कर दिया जाएगा, और उनकी ताउम्र इज्जत नहीं की जाएगी। हालांकि इस गांव की तस्वीर 25 जुलाई को होने वाले चुनावों के वक्त इस बार बदल सकती है लेकिन इस तस्वीर को बदलने में पाकिस्तान के चुनाव आयोग को बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। पाकिस्तान के चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार इस बार प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम 10 प्रतिशत वोटर्स महिलाएं होनी चाहिए, नहीं तो चुनाव के परिणाम रद्द कर दिए जाएंगे। जानकारी के लिए बता दें कि, पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव होने वाले हैं आयोग ने साथ ही यह जानकारी भी दी कि करीब 20 मिलियन नए वोटर्स ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है, इनमें से 9.13 मिलियन महिला वोटर्स हैं।
Published on:
23 Jul 2018 08:40 am
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