World's Largest Cemetery: क्या आपने पता है कि दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान कहाँ है? उसमें कितने शव दफन हैं? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं दुनिया के सबसे बड़े कब्रिस्तान के बारे में।
दुनिया के सभी धर्मों में मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के अलग रीति-रिवाज होते हैं। हिंदुओं में शव को चिता पर अग्नि में समर्पित कर दिया जाता है। कुछ दूसरे धर्मों में भी मरणोपरांत इसी रिवाज का पालन किया जाता है। तो कुछ धर्मों में मृत्यु के बाद शव को दफन भी किया जाता है। जैसे कि ईसाई और मुस्लिम धर्म। हालांकि ईसाई धर्म में शव को ताबूत में रखकर दफन किया जाता है, तो मुस्लिम धर्म में बिना ताबूत के। शव को दफन करने की प्रक्रिया कब्रिस्तान में की जाती है। कई बार तो शवों को दफनाने की वजह से कब्रिस्तान में जगह भी कम पड़ जाती है। कोरोना काल में कई देशों में ऐसा देखा गया था। ऐसे में क्या आपके मन में सवाल आता है कि दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान कहाँ है? उसमें कितने शव दफन हैं? अगर नहीं, तो हम आपको बताते हैं दुनिया के सबसे बड़े कब्रिस्तान के बारे में।
कहाँ है दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान और क्या है उसका नाम?
दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान इराक (Iraq) के अल नजफ (Al Najaf) शहर में है। इस कब्रिस्तान का नाम वादी-अल-सलाम (Wadi-al-Salaam) है। दी-अल-सलाम कब्रिस्तान करीब 1485.5 एकड़ यानी कि 6.01 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
60 लाख से ज़्यादा शव हैं दफन
इराक के अल नजफ शहर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े कब्रिस्तान वादी-अल-सलाम में 60 लाख से ज़्यादा शव दफन हैं। इस कब्रिस्तान में लोगों को दफनाने का काम पिछले करीब 1,400 सालों से किया जा रहा है। इराक में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के आतंकी हमलों में मारे जाने वाले लोगों को यहीं दफनाया जाता है। इस कब्रिस्तान में अब तक आतंकी हमलों में मारे गए कई लाख लोगों को दफनाया जा चुका है।
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मुस्लिम मानते हैं दफनाने के लिए पवित्र स्थान
शिया और सुन्नी दोनों ही तरह के मुस्लिम वादी-अल-सलाम को खुद को दफनाने के लिए पवित्र स्थान मानते हैं। इराक के ज़्यादातर मुस्लिम खुद को यहीं दफनाने की इच्छा रखते हैं।