
महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कई तरह के शारीरिक व मानसिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। क्योंकि इस समय शरीर के अंदर कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। कई गर्भवती महिलाओं में सिरदर्द की समस्या भी देखी जाती है। आमतौर पर गर्भावस्था में सिरदर्द को ज्यादा खतरनाक या चिंताजनक नहीं माना जाता है, लेकिन इसे सामान्य मानते हुए नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
क्यों होता है सिरदर्द?
बार-बार उल्टी से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे सिरदर्द शुरू हो जाता है। उल्टी या जी मिचलाने पर भी पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करती रहें।
रात में पर्याप्त और चैन की नींद नहीं सोती हैं तो भी सिरदर्द परेशान कर सकता है। बेहतर है कि आप रात में 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। लाइट संगीत सुनें, जो सुकून दे।
अनहैल्दी ईटिंग हैबिट्स को फॉलो करेंगी, जंक फूड्स, हाई कैलोरी डाइट लेंगी तो ब्लड शुगर लेवल के साथ ही भूख लगने में भी कमी आ सकती है। इससे भी सिरदर्द हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। इससे भी सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है। यदि आपको पहले से ही माइग्रेन है तो सावधानी बरतें।
प्रीएक्लेम्प्सिया के कारण रक्तचाप अधिक हो जाता है। ये भी सिरदर्द को ट्रिगर करता है।
सिरदर्द से बचने के उपाय
1. यदि आपको सिरदर्द होता है, तो आप तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें। यदि डिहाइड्रेशन के कारण आपको सिरदर्द की समस्या हो रही है तो शरीर में पानी की कमी न होने दें। प्रतिदिन 2-3 लीटर पानी जरूर पीएं।
2. जितना हो सके, आराम करें। सारा दिन खुद को थकाएं नहीं। गैजेट्स, टीवी से भी दूरी बनाएं।
3. आप सिर, कंधे, गर्दन में हॉट ऑइल मसाज भी कर सकती हैं। इससे दर्द से छुटकारा मिल सकता है। सिर, कंधे, गर्दन में ब्लड सर्कुलेशन सही होगा। आपको आराम महसूस होगा। टेंशन के कारण सिरदर्द है तो तेल मालिश करें।
Published on:
26 Aug 2023 07:06 pm
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