
Andropause (Image- gemini AI)
Andropause: हमारे समाज को पुरुष प्रधान तो बस कहा जाता है, लेकिन क्या आपने वास्तव में देखा है कि पुरुषों की समस्याओं की कहीं खुलकर चर्चा होती है? अक्सर महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव और उनकी समस्याओं पर ही बात होती है। यहां तक कि कई जगह तो यह भी कह दिया जाता है कि पुरुषों को कहां ही पता होगा कि हार्मोन बदलाव क्या होता है? उन्हें क्या पता कि मेनोपॉज क्या होता है? अगर आप भी इन सुनी-सुनाई बातों को मानते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए है। जिस प्रकार महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, उसी प्रकार पुरुषों के शरीर में भी ऐसे बदलाव होते हैं। फर्क मात्र इतना सा है कि महिलाओं की समस्याओं के बारे में सब बात करना चाहते हैं, लेकिन पुरुषों के बारे में नहीं।
डॉ. प्रमोद त्रिपाठी ने हाल ही में अपने फेसबुक अकाउंट पर यह बात साझा की है कि 40 से 60 वर्ष की आयु के दौरान पुरुषों में 3 हार्मोन्स इन्सुलिन, टेस्टोस्टेरोन और कोर्टिसोल में बदलाव के कारण एंड्रोपॉज या पुरुष रजोनिवृत्ति की क्रिया होती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि एंड्रोपॉज पुरुषों के जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है?
एंड्रोपॉज एक बहुत धीमी प्रक्रिया होती है। इसे 'मेल मेनोपॉज' भी कहा जाता है। पुरुषों में होने वाले इस हार्मोनल बदलाव के दौरान इन्सुलिन हार्मोन का बढ़ना, टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर का गिरना और कोर्टिसोल हार्मोन के बढ़ने की प्रक्रिया होती है। यह बदलाव अचानक नहीं होता, बल्कि इसकी गति बहुत धीमी होती है। डॉक्टर ने इन तीनों हार्मोन्स का उचित स्तर भी बताया है:
इन्सुलिन: 2.6 से 6 ug/dl
टेस्टोस्टेरोन: 550 से 800 ng/dl
कोर्टिसोल: 10 से 15 ug/dl
1. ज्यादा तनाव और नींद की कमी।
2. मोटापा, डायबिटीज, हाई बीपी और थायराइड रोग होना।
3. एक्सरसाइज कम करना।
4. शराब और धूम्रपान का सेवन।
Updated on:
31 Dec 2025 02:47 pm
Published on:
31 Dec 2025 02:47 pm
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