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प्री-मेन्स्ट्रूअल सिंड्रोम के बारे में बेटियों को जानकारी होनी चाहिए, समझाएं माताएं

पीरियड्स से पहले प्री मेन्स्ट्रूअल सिंड्रोम (पीएमएस) एक सामान्य परेशानी है। किशोरियों में इस दौरान पढ़ाई में मन न लगना, चिड़चिड़ापन व नींद न आना जैसी परेशानियां देखी जाती हैं। यह कुछ और नहीं बल्कि शारीरिक, भावनात्मक और व्यवहार संबंधी लक्षणों से जुड़ी समस्या है जो ओव्यूलेशन के दौरान होती है। यह हार्मोन में बदलाव की वजह से होते हैं।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Sep 09, 2023

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पीरियड्स से पहले प्री मेन्स्ट्रूअल सिंड्रोम (पीएमएस) एक सामान्य परेशानी है। किशोरियों में इस दौरान पढ़ाई में मन न लगना, चिड़चिड़ापन व नींद न आना जैसी परेशानियां देखी जाती हैं। यह कुछ और नहीं बल्कि शारीरिक, भावनात्मक और व्यवहार संबंधी लक्षणों से जुड़ी समस्या है जो ओव्यूलेशन के दौरान होती है। यह हार्मोन में बदलाव की वजह से होते हैं।

पीरियड्स से पहले कुछ किशोरियों में सूजन, सिरदर्द, मूड स्विंग्स के संकेत मिलते हैं। हर किसी में लक्षण भिन्न हो सकते हैं, और रक्तस्राव के आसपास खत्म हो जाते हैं लेकिन इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। माताएं प्री-मेन्स्ट्रूअल सिंड्रोम के बारे में बेटियों को समझाएं ताकि वे पैनिक न हों।

कब शुरू होते हैं प्री मेंस्ट्रूअल सिंड्रोम
यह समस्या पीरियड होने के 8-10 दिन पहले शुरू हो जाती है। इस समय वे किसी भी काम को करने में खुद को असमर्थ पाती हैं। स्कूल-कॉलेज या ऑफिस जाने का मन नहीं करता। इसके लक्षण कुछ ही दिनों के लिए रहते हैं और जैसे ही पीरियड आते हैं, ये अपने आप चले जाते हैं।

इसके लक्षणों को जानें
पीएमएस के समय शारीरिक लक्षणों में, ब्रेस्ट में दर्द, मीठे की क्रेविंग, ब्लोटिंग (पेट फूलना), पीएमएस क्रैम्प (दर्द), थकान, वजन बढऩा, सिरदर्द, मुंहासे की समस्या होती है जबकि भावनात्मक लक्षणों में एंजायटी, मन न लगना, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, सोशल न होना आदि शामिल है।

क्या है वजह
महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण प्री मेंस्ट्रूअल सिंड्रोम होता है। यह कोई रोग नहीं है, बस आपके शरीर के अंदर होने वाले बदलावों का संकेत है। इसे आप अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करके मैनेज कर सकती हैं। लक्षणों को समझना ज्यादा जरूरी है।

पीएमएस कैलेंडर तैयार करें
प्री मेंस्ट्रूअल सिंड्रोम को पहचानने के लिए एक कैलेंडर में तीन महीने तक इसके शुरू होने और खत्म होने तक का समय नोट करें। फिर जिस दिन पीरियड्स शुरू हो उसकी भी तारीख नोट कर लें। फिर देखें कि आप पर पीएमएस का प्रभाव पीरियड्स शुरू होने के कितने दिन पहले शुरू होता है?, कितने दिनों तक यह रहता है और इस दौरान आप स्वयं में किस तरह के बदलाव महसूस करती हैं।

कैसे रख सकती हैं खुद का खयाल
आहार पर ध्यान दें : अचार, चिप्स, तली-भुनी चीजें, कैफीन युक्त चीजें, चीनी, नशीले पदार्थों से दूर रहें। संतुलित भोजन खाएं। नींबू व फलों का सेवन करें ताकि आपको भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मिलें।

एक्सरसाइज करें : योग-मेडिटेशन, हल्के व्यायाम करें। वॉक करें। स्विमिंग करें। अपनी किसी हॉबी में मन लगाएं। इससे आपको पीएमएस के दौरान बेहतर महसूस होगा।