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Skin Disease: सर्दियों में नीली पड़ रही हैं उंगलियां! क्यों महिलाओं में ज्यादा होती है Raynaud’s Disease

Skin Disease: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही त्वचा की समस्याएं बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं। कुछ बीमारियां तो ऐसी हैं जिन्हें हम ठंड से एलर्जी के प्रभाव के रूप में देखते हैं। लेकिन वास्तव में ये बीमारियां बहुत गंभीर होती है और इन्हें नजरअंदाज करने के कारण हमें बाद में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 27 Dec 2025, 4:35 PM IST

Raynaud's Disease,ठंड में उंगलियां नीली पड़ना,Skin Disease

Raynaud's Disease (image- geminiAI)

Skin Disease: सर्दी के मौसम में आपने कई लोगों को देखा होगा कि उनके हाथों की उंगलियां बिल्कुल सुन्न हो जाती हैं। गंभीर स्थिति में उंगलियों का रंग भी बदल जाता है। हम सबको ऐसा लगता है कि यह सिर्फ ज्यादा ठंड में जाने की वजह से या ठंड के संपर्क में आने के कारण ऐसा हुआ है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है, रेनॉड्स नाम की त्वचा की एक समस्या है जिसके कारण ऐसा होता है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह नाम तो पहली बार ही सुना है। जी हां, इस बीमारी के बारे में बहुत ज्यादा लोगों को पता ही नहीं होता है।

ठंड के मौसम में उंगलियों का सुन्न होकर नीला पड़ना कोई ठंड का दुष्प्रभाव नहीं है, असल में यह रेनॉड्स नाम की त्वचा की बीमारी के कारण होता है। हम सब लोग सबसे बड़ी गलती इसे सामान्य ठंड का प्रभाव समझकर टालने की करते हैं। आइए जानते हैं कि रेनॉड्स बीमारी क्या होती है और इसके लक्षण क्या-क्या होते हैं?

क्या है रेनॉड्स डिजीज? (Raynaud's Disease)

ठंड के संपर्क में आने से उंगलियों की छोटी ब्लड वेसल्स बहुत ज्यादा पतली हो जाती हैं। रक्त प्रवाह में आने वाली इसी रुकावट की वजह से उंगलियों का रंग बदल जाता है और वे सुन्न भी पड़ने लगती हैं, जिसे विज्ञान ने रेनॉड्स बीमारी का नाम दिया है।

स्किन की यह बीमारी अपने आप में 2 प्रकार की होती है। इसका पहला प्रकार 'प्राइमरी रेनॉड्स' होता है जो 15 से 30 (या कुछ मामलों में अधिक) की उम्र की महिलाओं में ज्यादा होता है। इसका दूसरा प्रकार है 'सेकेंडरी रेनॉड्स', जो शरीर के अंदर पहले से मौजूद बीमारियों के कारण होता है, जैसे कि स्क्लेरोडर्मा, ल्यूपस या रूमेटाइड आर्थराइटिस। ज्यादा गंभीर होने पर यह हमारे शरीर में अल्सर जैसी स्थिति बना देता है।

रेनॉड्स डिजीज के लक्षण (Raynaud's Symptoms)

  • प्रभावित जगह की त्वचा का बार-बार और अलग-अलग रंग बदलना।
  • ठंडक, सुन्नपन और सुई चुभने जैसा महसूस होना।
  • प्रभावित जगह पर सूजन आना और गर्माहट का अहसास होना।

रेनॉड्स डिजीज को बढ़ावा देने वाले कारक (Blue Fingers Winter)

  • बहुत ज्यादा ठंडा तापमान।
  • बहुत ज्यादा तनाव और कई मामलों में अत्यधिक खुशी या उत्तेजना।
  • स्मोकिंग और कैफीन का सेवन भी इस बीमारी को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है।
  • पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह बीमारी बहुत ज्यादा होती है।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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