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Skin Disease: सर्दियों की खुजली कहीं यह गंभीर बीमारी तो नहीं? अभी जानें इसके कारण और कम करने के उपाय

Skin Disease: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हमारे शरीर में त्वचा की समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं। ऐसी ही एक त्वचा की समस्या है जिसे एक्जिमा कहते हैं। आइए जानते हैं कि यह समस्या सर्दियों में ज्यादा क्यों बढ़ती है, इससे कैसे बचें और कौन से प्राकृतिक सप्लीमेंट्स लेने से इसके कम होने में सहायता मिलती है।

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भारत

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Nidhi Yadav

Dec 26, 2025

Winter Eczema, Atopic Dermatitis

skin disease (photo- gemini AI)

Skin Disease: सर्दियों के मौसम में ठंड के कारण हवा में नमी की कमी हो जाती है और यही सबसे बड़ा कारण है की सर्दियों में त्वचा की समस्याएं बढ़ जाती है। कुछ और दिक्कत हो हमारे शरीर में तो एक बार को हम उसको बर्दाश्त भी कर सकते है लेकिन बात जब त्वचा की आती है तो ये असहनीय हो जाता है। त्वचा हमारे शरीर का एक अंग है जो बाहरी तत्वों से शरीर की रक्षा करता है लेकिन इसमें होने वाली बीमारियां इतनी ही है की किसी सामान्य व्यक्ति को तो इनकी संख्या याद करने में भी बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़े। ऐसी ही एक त्वचा की समस्या है एक्जिमा। त्वचा की इस समस्या में खुजली के साथ त्वचा पर लाल निशान बन जाते है।

एक्जिमा को विज्ञान की भाषा में एटोपिक डर्माटाइटिस कहा जाता है। सर्दियों में ये समस्या बढ़ जाती है लेकिन ऐसा क्यों होता है? आइए जानते है की सर्दियों में त्वचा की ये समस्या क्यों बढ़ जाती है और इससे बचने के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाने चाहिए और कौन से प्राकृतिक सप्लीमेंट्स लेने से इसके कम होने में सहायता मिलती है।

सर्दियों में क्यों बढ़ता है एटोपिक डर्माटाइटिस(Atopic Dermatitis)

सर्दियों के मौसम में ठंड के साथ और भी कई कारण है जिनके कारण सर्दियों में ये समस्या बहुत अधिक बढ़ जाती है जो निम्न है-

  1. सूखी और नमिरहित हवा- सर्दियों में ठंड के कारण हवा से नमी तो जैसे गायब ही हो जाती है इसके कारण हमारी त्वचा से भी नमी कम होने लगती है और इसका प्रभाव साफ दिखाई देता है। इसके कारण हमारी स्किन पर लाल और हलके उठे हुए निशान बन जाते है इसके साथ ही उनमें खुजली भी होती है।
  2. हीटर का प्रयोग- सर्दियों में हम ठंड से बचने के लिए कृत्रिम गर्माहट वाले उपकरण काम में लेते है उनमें हीटर प्रमुख है। घर में हीटर चलाने से कमरे की हवा में भी नमी न के बराबर ही रहती है जिससे त्वचा को नुकसान होता है, जिससे लाल निशान और खुजली की समस्या एटोपिक डर्माटाइटिस के रूप में सामने आती है।
  3. गर्म पानी से नहाना- सर्दियों में हम सब गर्म पानी से ही नहाते है लेकिन उनमें से काफी लोग ये सोचते है की ठंड में जितना ज्यादा गर्म पानी हो उतना बेहतर है इसलिए वे बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहाते है और इसके कारण उनकी त्वचा से प्राकृतिक तेल कम हो जाता है जिससे उनकी त्वचा में ये एटोपिक डर्माटाइटिस की समस्या हो जाती है।

एटोपिक डर्माटाइटिस से बचने के उपाय(Skin Rash Causes)

  • जितना हो सके ज्यादा गर्म पानी से न नहाएं
  • सूती कपड़े पहनकर उसके ऊपर गर्म कपड़े पहनें
  • घर के अंदर नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर (Humidifier) का प्रयोग करें

एटोपिक डर्माटाइटिस से बचने के प्राकृतिक सप्लीमेंट्स(Eczema Supplements)

  1. विटामिन डी- त्वचा की इस गंभीर स्थिति से बचने के लिए विटामिन डी को सबसे असरदार सप्लीमेंट माना जाता है। जब सर्दियों में सूरज की रोशनी कम होती है तो ऐसे में ये त्वचा से सूजन भी कम करता है और शरीर में इस विटामिन की पर्याप्त आपूर्ति करता है।
  2. ओमेगा 3- ओमेगा-3 को फिश ऑयल के नाम से जाना जाता है। इसमें फैटी एसिड होता है जो त्वचा की खुजली और लालपन को कम करने का काम करता है।
  3. विटामिन E- विटामिन E में पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो त्वचा को स्ट्रेस से बचाते है। इससे त्वचा से खुजली और उभरे हुए निशान कम होते है।
  4. जिंक- हमारे शरीर में जिंक का लेवल कम होने से भी शरीर में एटोपिक डर्माटाइटिस का खतरा बढ़ जाता है। अगर शरीर में इसकी कमी है तो इसके सप्लीमेंट्स लेने से काफी हद तक आराम मिल सकता है।
  5. नारियल तेल- त्वचा की कोई भी समस्या हो उसमें नारियल तेल एक बहुत अच्छे सप्लीमेंट का काम करता है। नारियल का तेल स्किन और त्वचा की किसी भी बीमारी के बीच स्किन बैरियर का काम करता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


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