
एक्ट्रेस देबिना बनर्जी भी एंडोमेट्रियोसिस की वजह से नहीं बन पाती थीं मां, जानिए बीमारी का कारण और उपचार
क्या आप भी बार-बार कंसीव करने की आपकी कोशिश असफल हो रही हैं तो इसकी एक वजह एंडोमेट्रियोसिस हो सकती है। एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें गर्भाशय की दीवारों के अंदर ब्लीडिंग होती है और ये फर्टिलिटी को प्रभावित करती है। इसकी वजह से गर्भधारण करने में महिला को दिक्कत आती है। इसके समाधान के लिए देबिना बनर्जी ने न केवल एलोपैथिक दवाएं लीं, बल्कि आयुर्वेद तकनीकों और एक्यूपंक्चर को भी आजमाया था। इसके बाद वह मां बनने में कामयाब रहीं। अगर आप भी एंडोमेट्रियोसिस से जूझ रहीं तो सबसे पहले इस बीमारी के लक्षण को पहचाने और उसका उपचार कराएं। बता दें कि, इस बीमारी को उपचार से कंट्रोल किया जा सकता है।
मां में इस वजह से बनता है बाधक
प्रेग्नेंसी के लिए महिलाओं की ओवरी में एक अंडा रिलीज होता है जो कि फैलोपियन ट्यूब के जरिए स्पर्म की कोशिका से फर्टिलाइज होता है और विकसित होने के लिए अपने आप ही यूट्राइन दीवार से जुड़ जाता है। एंडोमेट्रियोसिस ट्यूब में रुकावट पैदा करता जिससे अंडे और स्पर्म मिल नहीं पाते। सामान्य एंडोमेट्रियोसिस के मामलों में महिलाएं फिर भी गर्भधारण कर सकती है, लेकिन यदि समस्या नजर अंदाज की जाए तो ये गंभीर हो सकती हैं और तब कंसीव करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण
एंडोमेट्रियोसिस के उपचार
एंडोमेट्रियोसिस पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता, लेकिन इलाज और दवाओं से इसे कंट्रोल रखा जा सकता है। प्रभावित टिश्यू को निकालने के लिए सर्जरी की भी जरूरत होती है। दर्द को कम करने के लिए कई बार दर्द की दवा भी लेने की सलाह दी जाती है। कभी-कभी गर्म पानी से नहाने, पेट की गर्म सिकाई या नियमित व्यायाम से भी आराम मिल जाता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)
Updated on:
22 Mar 2022 12:07 pm
Published on:
22 Mar 2022 12:03 pm
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