25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Women health : अबॉर्शन का क्या पड़ता है महिलाओं पर प्रभाव

गर्भपात के कई मानसिक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। जिनके बारे में जानना महिलाओं के लिए जरूरी हो जाता है। आज के आर्टिकल में हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे।

less than 1 minute read
Google source verification
effect of abortion on women health

effect of abortion on women health

नई दिल्ली । प्रेग्नेंसी खत्म करने के बाद इमोशनल साइड इफेक्ट्स कोई बड़ी बात नहीं है। प्रेग्नेंसी को खत्म करने का फैसला शायद ही किसी महिला के लिए आसान होता है। ये जिंदगी में काफी तनावभरा समय हो सकता है और प्रोसीजर के बाद मिली-जुली भावनाएं आ सकती हैं। हालांकि, ये ध्यान रखना भी जरूरी है कि हर किसी का अनुभव अलग हो सकता है।

कई महिलाओं को गर्भपात के बाद कई तरह के मानसिक विचार आने लगते हैं। जैसे कि –
अपराधबोध ,गुस्सा ,शर्म ,पछतावा ,आत्म-सम्मान या आत्मविश्वास की हानि। अलगाव और अकेलेपन की भावना , नींद की समस्या और बुरे सपने भी आ सकते हैं।


वो महिलाएं जिन्हें नकारात्मक सोच और मानसिक तनाव ज्यादा हो सकता है वो इस तरह के विचारों का सामना करती हो। या उससे निकल के आई हो। वो महिलाएं जिन्हें पहले भावनात्मक या मानसिक चिंताएं रही हों। वो महिलाएं जिन्हें गर्भपात के लिए मजबूर किया गया हो या मनाया गया हो।वो महिलाएं जो धार्मिक मान्यताओं के आधार पर गर्भपात को गलत मानती हैं।महिलाएं जिनके नैतिक विचार गर्भपात के विरुद्ध हों। महिलाएं जिन्होंने प्रेग्नेंसी के बाद वाली स्टेज में गर्भपात करवाया हो।

ये भी पढ़े-https://www.patrika.com/body-soul/how-to-keep-your-brain-clam-7178176/