Women Health: गर्भावस्था के दौरान बच्चे और मां दोनों की सेहत पर काफी ध्यान देने की जरूरत है। इस समय खान-पान से लेकर सही वजन पर भी ध्यान देना चाहिए। गर्भावस्था में महिलाएं जो भी खाती हैं उसका सीधा असर बच्चे पर पड़ता है। इस समय महिलाओं को अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और गुड फैट जैसे सभी न्यूट्रिशन शामिल करने चाहिए।
नई दिल्ली। Women Health: गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी सेहत का खास ख्याल रखना पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और गुड फैट जैसे सभी न्यूट्रिशन शामिल करने चाहिए। इस समय खानपान से लेकर सही वजन पर भी ध्यान देना चाहिए। गर्भावस्था में महिलाएं जो भी खाती हैं उसका सीधा असर बच्चे पर पड़ता है। इस दौरान शरीर को स्वस्थ और बच्चे को तंदुरुस्त रखने के लिए अच्छा और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना बहुत जरूरी है। गर्भावस्था में स्वस्थ आहार के सेवन से जरूरी विटामिन प्राप्त किए जा सकते हैं जिससे भ्रूण के विकास और बच्चे के वजन को संतुलित रखने में मदद मिलती है। बच्चे को जन्मजात विकारों का खतरा नहीं होता है। आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए क्या नहीं।
प्रेग्नेंसी में इन चीजों का सेवन करें
सूखे मेवे
गर्भावस्था में सूखे मेवों को भी अपने खान-पान में शामिल करें। मेवों में कई तरह के विटामिन, कैलोरी, फाइबर व ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे होते हैं। अगर आपको एलर्जी नहीं है, तो अपने खान-पान में काजू, बादाम व अखरोट आदि को शामिल करें। अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। इसके अलावा, बादाम और काजू भी गर्भावस्था में फायदा पहुंचा सकते हैं।
दूध से बने उत्पाद :
गर्भावस्था के दौरान बढ़ते हुए भ्रूण की जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम का सेवन करना चाहिए इसलिए अपने आहार में दूध से बने उत्पादों जैसे कि पनीर, दही, छाछ को शामिल करें।
अंडे :
मां और बच्चे दोनों के लिए प्रोटीन और अमीनो एसिड के मामले में अंडे सबसे बेहतरीन स्रोत होते हैं। अंडे में कई तरह के विटामिन और खनिज पदार्थ जैसे कि कोलिन होता है जो कि शिशु के मस्तिष्क के विकास को बढ़ावा देता है। अंडे को कच्चा या कम पका हुआ न खाएं।
इन चीजों से बनाएं दूरी
पपीता :
गर्भपात का कारण बनने वाली चीजों में पपीते का नाम सबसे ऊपर आता है। हरा और अधपका पपीता एंजाइम्स से युक्त होता है जिससे गर्भाशय में संकुचन पैदा हो सकता है और गर्भपात हो सकता है, इसलिए कंसीव करने के बाद शुरुआती महीनों में हरा पपीता नहीं खाना चाहिए। हरा या अधपका पपीता माइरिड एंजाइम और पस से युक्त होता है। इससे गर्भाशय में ऐंठन पैदा हो सकती है जो गर्भपात करवा सकती है।
प्रेगनेंसी में ज्यादा कैलोरी वाली चीजों से दूरी बना लेनी चाहिए। इस समय जितना हो सके प्रोसेस्ड या पैकेज्ड फूड, अल्कोहल, ज्यादा कैफीन, आर्टिफिशियल स्वीटनर, कच्चा अंडा और कच्ची मछली खाने से बचें। एक समय बहुत सारा खाने की बजाए थोड़ा-थोड़ा करके कई बार में खाएं और अपने मन से कोई भी दवा न लें