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महिलाएं बनाएं ऐसे कैलेंडर व शेड्यूल ताकि याद रख सकें सेहत की बातें

गृहस्थी की जिम्मेदारी निभाते हुए महिलाएं अक्सर खुद को भूल जाती हैं। वे समय पर भोजन ही नहीं, पानी तक नहीं पी पातीं। उन्हें सेल्फ केयर के बारे में अवश्य सोचना चाहिए। जरूरी है कि वे अपनी और परिवार के अन्य सदस्यों की सेहत पर ध्यान देने के लिए कुछ विशेष कैलेंडर व शेड्यूल तैयार करें -
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जयपुर

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Vanshika Sharma

•

Updated: 19 Apr 2023, 5:41 PM IST

महिलाएं बनाएं ऐसे कैलेंडर व शेड्यूल ताकि आप याद रख सकें सेहत की बातें

महिलाएं बनाएं ऐसे कैलेंडर व शेड्यूल ताकि आप याद रख सकें सेहत की बातें

पीरियड्स कैलेंडर अवश्य बनाएं

जब बच्चियां टीनएज में आती हैं और प्यूबर्टी वाली अवधि से गुजरती हैं तो अक्सर उनके मन में मासिक धर्म अवधि को लेकर शंका व सवाल होते हैं। इसमें माताएं उनकी मदद कर सकती हैं। उनके लिए आप पीरियड्स कैलेंडर बना सकती हैं। छोटी-सी डायरी में पीरियड्स कैलेंडर बनाकर उसके बैग में रख सकती हैं। मासिक धर्म हर 21 से 35 दिनों की अवधि में आते हैं और दो से सात दिन तक चलते हैं। स्मार्टफोन में पीरियड ट्रैकिंग ऐप भी डाउनलोड कर सकती हैं। बस अवधि के पहले दिन को चिह्नित करें और गिनें कि मासिक धर्म कितने दिनों का है तो मासिक धर्म के पहले दिन से 32 दिन तक गिनें। यह अगले पीरियड्स की अवधि होगी।

डिटॉक्सीफिकेशन शेड्यूल

महिलाएं सप्ताह में शरीर को डिटॉक्स करने के लिए शेड्यूल बनाएं और उसे अपनी किचन में ऐसी जगह लगाएं जहां आपकी नजर ज्यादा पड़ती हो। उससे आपको शरीर को डिटॉक्स करना भी याद रहेगा। सुबह के समय या तो गुनगुना पानी पीएं या फिर सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी पीएं। उसके अलावा डिटॉक्स वाटर भी बना सकती हैं, जिसमें नींबू, पुदीना, खीरे के टुकड़े और अदरक हो। पानी पीने का अंतराल भी इस शेड्यूल में लिखें। इससे आप अपनी सेहत के लिए कुछ समय दे पाएंगी।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।