
Fighter jets
चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों देशों के बीच चल रहे इस विवाद की वजह से तनाव भी बढ़ा है। चीन और ताइवान के बीच चल रहे इस विवाद में अमेरिका (United States Of America) भी खुलकर ताइवान का समर्थन करता है, जो चीन को बिल्कुल पसंद नहीं है। ताइवान के नए राष्ट्रपति लाई चिंग-ते (Lai Ching-te) भी शुरू से ताइवान के स्वतंत्र राष्ट्र होने की बात को खुलकर कहने वाले और चीन के विरोधी रहे हैं। इस वजह से दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में स्थिति और भी बिगड़ी है। ऐसे में चीन की चालाकी भी जारी है।
ताइवान के पास दिखे 18 चाइनीज़ फाइटर जेट्स और 8 वॉर-शिप्स
ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने आज, सोमवार, 2 सितंबर को जानकारी देते हुए बताया है कि लोकल समयानुसार सुबह 6 बजे तक 18 चाइनीज़ फाइटर जेट्स और 8 वॉर-शिप्स ताइवान के पास देखे गए थे। साथ ही चीन की 2 ऑफिशियल शिप्स भी ताइवान के पास देखी गई। इनमें से 15 फाइटर जेट्स ने तो ताइवान के एयरस्पेस में भी घुसपैठ की।
क्या है चीन और ताइवान के बीच विवाद की वजह?
दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच विवाद की यही वजह है।
यह भी पढ़ें- ब्राज़ील में रोड एक्सीडेंट, 6 लोगों ने गंवाई अपनी जान
Updated on:
02 Sept 2024 03:23 pm
Published on:
02 Sept 2024 03:22 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
