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New Year: 2025 नहीं…अभी 2017 में ही जी रहा है ये देश, दुनिया से 7 साल पीछे होने की क्या है वजह

New Year: अफ्रीकी देश इथियोपिया में इस समय 2025 नहीं बल्कि 2017 है। यानी दुनिया से लगभग 7 साल पीछे। ऐसा क्यों है, इसका कारण क्या है, ये हम आपको बता रहे हैं।

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2017 instead of New Year 2025 in Ethiopia Calendar

2017 instead of New Year 2025

New Year: 1 जनवरी 2025, बुधवार को भारत समेत पूरी दुनिया नए साल का जश्न मना रही है। क्या यूरोपीय क्या एशियाई, सभी देशों में नए साल को अलग-अलग अंदाज़ में सेलिब्रेट किया जा रहा है। लेकिन पूरी दुनिया में एक देश ऐसा है जहां पर अभी साल 2025 ने दस्तक ही नहीं दी है। यहां पर अभी 2017 ही चल रहा है। जी हां…7 साल पहले का 2017, इस देश के लोग अभी 2017 में ही जी रहे हैं, ये देश है इथियोपिया। अफ्रीकी देश इथियोपिया (Ethiopia) में 2025 अब से 7 साल बाद दस्तक देगा, तब दुनिया 2032 में जी रही होगी। इथियोपिया में ऐसा क्यों है, इसे जानने की कोशिश करते हैं। 

आखिर क्यों दुनिया से 7 साल पीछे जी रहा इथियोपिया

इथियोपिया कैलेंडर.नेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक इथियोपिया में वर्ष के इतने पीछे रहने का कारण है वहां का कैलेंडर। इथियोपिया में गीज़ नाम का कैलेंडर (Ethiopia Calendar) इस्तेमाल किया जाता है। ये कैलेंडर दुनिया के स्वीकृत किए ग्रेगोरियन कैलेंडर से काफी अलग है। गीज़ कैलेंडर में 12 नहीं बल्कि 13 महीने होते हैं। ये 13 महीने पूरे साल को खत्म करते-करते दुनिया से 7 साल 8 पीछे चले गए हैं। इथियोपिया का नया साल 1 जनवरी की जगह 11 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर) को मनाया जाता है। अभी वहां पर 2017 चल रहा है। 

कैलेंडर में क्या है खास?

1- 13 महीनों वाले इस गीज़ कैलेंडर (Ethiopia Calendar) के 13वें महाने को ‘पागुमेन’ कहते हैं। इस महीने में 5 दिन होते हैं। जबकि लीप ईयर में 6 दिन होते हैं।

2- ये कैलेंडर, रोमन चर्च ने 525 ईस्वी में संशोधित किया था। इथियोपियन रूढ़िवादी चर्च का मानना है कि ईसा मसीह (Jesus Christ) का जन्म 7 ईसा पूर्व में हुआ था। 

3- ये कैलेंडर इथियोपिया के कृषि मौसमों से भी जुड़ा हुआ है। हालांकि अब कई लोग ग्रेगोरियन कैलेंडर (Gregorian Calendar) का इस्तेमाल करते हैं। ये कैलेंडर आम तौर पर कॉप्टिक ईसाई धर्म से प्रेरित माना जाता है। 

4- इथियोपिया कैलेंडर कॉप्टिक मिस्र कैलेंडर जैसा ही है क्योंकि दोनों में 13 महीने होते हैं। इनमें 12 महीनों में तो 30 दिन होते हैं आखिरी 13वें महीने जिसमें सिर्फ 5 या 6 दिन होते हैं उन्हें 'भूले हुए दिन' कहा गया है। 

5- ऑर्थोडॉक्स तेवाहेडो चर्च, जहां इथियोपिया कैलेंडर ने सबसे पहले अपनी जड़ें जमाईं, उसने भी कैलेंडर की संरचना और अस्तित्व को प्रभावित किया है।

किन-किन देशों का अलग है कैलेंडर 

इथियोपिया के अलावा कई देशों का कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर से अलग है। इनमें चीन का चीनी लूनर कैलेंडर, इस्लामिक देशों का हिजरी कैलेंडर, भारत का हिंदू कैलेंडर (विक्रम संवत्), थाईलैंड का बौद्ध कैलेंडर, यहूदी देशों का हिब्रू कैलेंडर, ईरान अफगानिस्तान का फारसी कैलेंडर, मैक्सिको का माया कैलेंडर, उत्तर कोरिया का जूचे कैलेंडर शामिल है। 

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