
Education deprived children (Photo - UNESCO)
यूनेस्को (UNESCO) की ‘जीईम रिपोर्ट 2026’ से एक चिंताजनक आंकड़े का खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2024 में दुनियाभर में 27.3 करोड़ बच्चे शिक्षा से वंचित हैं, जिनमें किशोर और युवा भी शामिल हैं। संघर्षग्रस्त 10 देशों के करीब 1.3 करोड़ बच्चों को जोड़ने पर वर्तमान आंकड़ा और बढ़ जाता है।
जीईम रिपोर्ट 2026 के अनुसार सिर्फ दो तिहाई छात्र ही माध्यमिक शिक्षा पूरी कर पाते हैं। प्राथमिक शिक्षा में नामांकन तो बढ़ा है, लेकिन लड़कियों, दिव्यांग बच्चों, ग्रामीण और विस्थापित बच्चों के सामने अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़ी बाधाएं हैं, जिस वजह से उन्हें शिक्षा से दूर रहना पड़ रहा है। स्कूल में नामांकन का मतलब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं है। भीड़भाड़ वाली कक्षाएं, अप्रशिक्षित शिक्षक और जरूरी सामग्री की कमी बड़ी समस्याएं हैं।
भारत (India) में प्राथमिक स्तर पर 92% बच्चे पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन माध्यमिक स्तर पर यह आंकड़ा घटकर 63-64% रह जाता है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में आर्थिक दबाव बच्चों को पढ़ाई छोड़कर काम की ओर धकेल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर हर 6 में से 1 बच्चा शिक्षा से वंचित है जबकि केवल दो-तिहाई छात्र ही माध्यमिक शिक्षा पूरी कर पाते हैं।
रिपोर्ट में डिजिटल विभाजन पर भी चिंता जताई गई है। लाखों छात्रों के पास उपकरण, इंटरनेट और डिजिटल कौशल की कमी है। बिना ठोस कदमों के डिजिटल शिक्षा असमानता को और बढ़ा सकती है। कम आय वाले देशों में अपर्याप्त और गलत तरीके से खर्च किया जाने वाला बजट भी प्रगति की राह में बाधक है।
मेडागास्कर (Madagascar), टोगो (Togo), मोरक्को (Morocco), वियतनाम (Vietnam), जॉर्जिया (Georgia) और तुर्की (Turkey) में वर्ष 2000 के बाद से शिक्षा से वंचित रहने वाले बच्चों की दर में 80% से ज़्यादा कमी आई है। अफ्रीकी देश कोटे डी आइवर/आइवरी कोस्ट (Côte d'Ivoire / Ivory Coast) ने तीनों आयु वर्गों में यह दर आधी करने में सफलता हासिल की है। रिपोर्ट में यूनेस्को के 2030 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तेज और ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
Updated on:
30 Mar 2026 07:53 am
Published on:
30 Mar 2026 07:48 am
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