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अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान बेनकाब, भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकी संगठनों को अब भी मिल रही पनाह

अमेरिकी कांग्रेस की ताजा रिपोर्ट में पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने के आरोप फिर सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद समेत कई संगठन अब भी सक्रिय हैं, जो भारत और खासकर कश्मीर की सुरक्षा के लिए लगातार बड़ा खतरा बने हुए हैं।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 30, 2026

Terrorist Organizations

AI Image-ChatGpt

अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में भले ही हाल के समय में कुछ नरमी देखने को मिल रही हो, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिकी संस्थाओं की रिपोर्ट्स एक अलग ही तस्वीर पेश कर रही हैं। ताजा रिपोर्ट ने एक बार फिर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर आतंकवाद के मुद्दे पर। अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च यूनिट की नई रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की जमीन आज भी कई आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनी हुई है। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि भारत, विशेष रूप से कश्मीर, इन संगठनों की गतिविधियों का प्रमुख निशाना बना हुआ है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हरकत-उल-जिहाद-इस्लामी, हरकत-उल-मुजाहिदीन और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों का नाम लिया गया है, जो लंबे समय से भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए हैं।

जानें डिटेल्स


यह रिपोर्ट दक्षिण एशिया मामलों के जानकार के. एलन क्रोनस्टाड्ट द्वारा तैयार की गई है। इसका मकसद अमेरिकी सांसदों को इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति से अवगत कराना है। रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया है कि साल 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कानून के तहत “विशेष चिंता का देश” घोषित किया था, और यह स्थिति अब भी बनी हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान में कुल 14 आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जिन्हें पांच अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें न सिर्फ भारत-केंद्रित संगठन शामिल हैं, बल्कि अलकायदा और आईएस जैसे वैश्विक नेटवर्क, अफगानिस्तान में सक्रिय समूह, घरेलू चरमपंथी संगठन और शिया विरोधी गुट भी शामिल हैं। यानी समस्या सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है।

रिपोर्ट में कई डिटेल्स


सबसे अहम बात यह है कि पाकिस्तान ने 2014 में आतंकवाद के खिलाफ जो राष्ट्रीय कार्ययोजना शुरू की थी, वह भी इन संगठनों को पूरी तरह खत्म करने में नाकाम रही है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन संगठनों को अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी घोषित कर रखा है, वे आज भी किसी न किसी रूप में सक्रिय हैं। इस रिपोर्ट से भारत के उस लंबे समय से चले आ रहे आरोप को मजबूती मिलती है, जिसमें कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह मुद्दा बार-बार उठता रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव अब भी सीमित नजर आता है।