
Iran Israel America War(Image-X/(@MIshaqDar50)
Iran Israel America War: पाकिस्तान ने एक बार फिर खुद को क्षेत्रीय कूटनीति के केंद्र में लाने की कोशिश तेज कर दी है। रविवार को पाकिस्तान की राजधानी में एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्री शामिल हुए। इस बैठक में सभी देशों ने साफ कहा कि युद्ध या टकराव किसी समस्या का हल नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के इस प्रयास का समर्थन किया और बातचीत की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। रविवार (29 मार्च 2026) को इस्लामाबाद से एक अहम बयान सामने आया, जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत कराने को तैयार है—और अगर दोनों देश चाहें, तो वह इन बातचीत की मेजबानी भी करेगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस पहल को “शांति की दिशा में जरूरी कदम” बताया। उनका कहना था कि मौजूदा हालात में बातचीत ही एकमात्र रास्ता है, जिससे तनाव कम हो सकता है और क्षेत्र में स्थिरता वापस आ सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। इसका असर सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजो की आवाजाही प्रभावित होने का खतरा दुनिया भर की चिंता बढ़ा रहा है।
इसी बीच, पाकिस्तान ने खुद को एक “मध्यस्थ” के तौर पर पेश किया है। बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम भी कर रहा है, ताकि हालात और ज्यादा बिगड़ने से रोके जा सकें। पाकिस्तान की यह कोशिश अचानक नहीं है। उसके ईरान के साथ पुराने रिश्ते हैं, वहीं खाड़ी देशों के साथ भी उसके मजबूत संपर्क हैं। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के अमेरिका के साथ भी अच्छे संबंध बताए जाते हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान खुद को इस पूरे मामले में एक भरोसेमंद पुल के रूप में पेश कर रहा है।
विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि पाकिस्तान लगातार ईरानी नेतृत्व और अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों देशों ने पाकिस्तान पर भरोसा जताया है, जो इस पहल के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान की इस कोशिश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र और चीन जैसे बड़े वैश्विक खिलाड़ी भी इस पहल के पक्ष में हैं। इससे पाकिस्तान को अपनी कूटनीतिक भूमिका मजबूत करने का मौका मिल सकता है।
Updated on:
30 Mar 2026 12:34 am
Published on:
30 Mar 2026 12:33 am
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