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‘मैं ईरान के साथ युद्ध रोकना नहीं चाहता था’, चीन से रवाना होते ही ट्रंप का बड़ा बयान, पाकिस्तान को लेकर भी बोले

US-Iran Tension: चीन से रवाना होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने कहा है कि वह ईरान के साथ युद्ध रोकना नहीं चाहते थे।

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भारत

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Mukul Kumar

May 15, 2026

US Iran Tension

चीन से वापस लौटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- IANS)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से लौटते वक्त एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए एक चौंकाने वाला बयान दिया है।

उन्होंने साफ कहा कि वह ईरान के साथ युद्ध रोकना नहीं चाहते थे, सीजफायर उनकी अपनी मर्जी से नहीं बल्कि दूसरे देशों के कहने पर किया गया।

अमेरिका राष्ट्रपति ने यह भी खुलकर कह दिया है कि युद्धविराम करके उन्होंने पाकिस्तान पर बड़ा एहसान किया है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया तूफान ला सकता है।

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने कहा- हमने सीजफायर वाकई दूसरे देशों के अनुरोध पर किया। मैं खुद इसके पक्ष में नहीं था, लेकिन पाकिस्तान एहसान पर करने के लिए हमने यह कर दिया।

इस बीच, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अमेरिका अक्सर पाकिस्तान को संभालने की कोशिश करता रहा है। लेकिन इस बार ट्रंप का खुलकर बोलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?

बता दें कि चीन की यात्रा के बाद ट्रंप का यह बयान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि चीन पाकिस्तान का करीबी माना जाता है।

ट्रंप ने चीन में व्यापार, ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर चर्चा की। वापसी के दौरान जब मीडिया ने सीजफायर पर सवाल किया तो उन्होंने बिना लाग-लपेट के जवाब दिया।

दुनिया भर में चर्चा

यह बयान न सिर्फ भारत-पाकिस्तान बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति को प्रभावित कर सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे ट्रंप की सच्चाई कह रहे हैं। कुछ यूजर्स लिख रहे हैं कि आखिरकार अमेरिका का असली चेहरा सामने आ गया।

ट्रंप प्रशासन के इस बयान से लगता है कि बड़े फैसले अक्सर दबाव में लिए जाते हैं। शांति की बात की जाती है लेकिन असल में बड़े देशों के हित पहले आते हैं।

पाकिस्तान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन वहां के मीडिया में इसे अमेरिका- पाक दोस्ती का सबूत बताया जा रहा है।

ट्रंप ने ईरान को भी दिया ऑफर

चीन से लौटते वक्त ट्रंप ने ईरान को भी सीधा ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि वह ईरान से समझौता करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उसे परमाणु को लेकर 20 साल की गारंटी देनी होगी।