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अफगानिस्तान में 30 लाख बच्चों पर मंडरा रहा कुपोषण का खतरा

3 Million Children In Afghanistan In Danger: अफगानिस्तान में 30 लाख बच्चों पर एक खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे की चेतावनी वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने हाल ही में दी है।

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Hungry Afghan children

अफगानिस्तान (Afghanistan) में 2021 से हालात काफी खराब हैं। 15 अगस्त 2021 को तालिबान (Taliban) ने अफगानिस्तान में तख्तापलट करते हुए सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया था। तभी से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन चल रहा है। इस आतंकी ग्रुप के देश की सत्ता पर काबिज़ होते ही पूरे देश की स्थिति बिगड़ गई। अफगानिस्तान में सिर्फ आर्थिक स्थिति ही नहीं, कानूनी स्थिति और शैक्षिक स्थिति भी चरमरा गई। देश की जनता के हकों का हनन किया जाने लगा है और तालिबान के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को कड़ी सज़ा दी जाती है। इतना ही नहीं, तालिबान के सत्ता में वापसी के बाद देश में मानवीय संकट भी गहरा गया है। हाल ही में वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (World Food Programme - WFP) ने अफगानिस्तान के बारे में एक बड़ी चेतावनी दी है।


30 लाख बच्चों पर मंडरा रहा कुपोषण का खतरा

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने हाल ही में चेतावनी दी है कि तालिबान के शासन में अफगानिस्तान में इस साल 30 लाख बच्चों पर कुपोषण का खतरा मंडरा रहा है। डब्ल्यूएफपी के अनुसार तालिबान के आने से अफगानिस्तान को मिलने वाली विदेशी सहायता लगभग बंद हो गई है। इससे न सिर्फ कई लोगों के लिए संकट बढ़ा है, तालिबान के सख्त आतंकी शासन की वजह से लोगों को खाना पाने में भी मुश्किल हो रही है। ऐसे में कुपोषण की समस्या फ़ैल रही है और इस साल अफगानिस्तान के 30 लाख बच्चे कुपोषण से ग्रसित हो सकते हैं।


12 लाख महिलाएं कुपोषण का शिकार

अफगानिस्तान में डब्ल्यूएफपी के पोषण विभाग ने हाल ही में जानकारी देते हुए बताया है कि देश में 12 लाख महिलाएं कुपोषण का शिकार हो चुकी हैं। तालिबान सरकार के राज में अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति काफी खराब है और अब उन्हें कुपोषण से भी जूझना पड़ रहा है।

कुपोषण के शिकार बच्चों की मदद ज़रूरी

अफगानिस्तान में डब्ल्यूएफपी के पोषण विभाग की प्रमुख मोना शेख ने जानकारी देते हुए बताया कि कुपोषित बच्चों का इलाज बहुत ही ज़रूरी है। मोना के अनुसार उनके संगठन के 2023 में 7,15,000 कुपोषित बच्चों की मदद की थी और 2024 में 16 लाख कुपोषित बच्चों की मदद की जाएगी। हालांकि मोना ने यह भी साफ कर दिया कि अफगानिस्तान में ज़्यादा मानवीय सहायता की ज़रूरत है जिससे महिलाओं और बच्चों समेत सभी की स्थिति में सुधार हो।

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