
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का तेजी से अपनाया जाना इसे अपने समकक्ष देशों से कहीं आगे ले जा रहा है। टेक उद्यमी मैरी मीकर की हालिया रिपोर्ट, 'ट्रेंड्स - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस', में बताया गया है कि भारत की विशाल आबादी और व्यापक इंटरनेट पहुंच के कारण, यह एआई कंपनियों के लिए एक प्रमुख उपयोगकर्ता आधार और बाजार बन गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत चैटजीपीटी के लिए अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत में मोबाइल ऐप उपयोगकर्ताओं का प्रतिशत (13.5%) अमेरिका (8.9%) और जर्मनी (3%) जैसे देशों से कहीं अधिक है। इसके अलावा, चीन के घरेलू एआई प्लेटफॉर्म डीपसीक के लिए भी भारत तीसरा सबसे बड़ा उपयोगकर्ता आधार (6.9%) है, जो केवल चीन (33.9%) और रूस (9.2%) से पीछे है।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि एआई प्लेटफॉर्म का वैश्विक स्तर पर तेजी से अपनाया जाना आश्चर्यजनक है। उदाहरण के लिए, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म को 100 मिलियन उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने में 2-4 साल लगे, जबकि चैटजीपीटी ने यह उपलब्धि मात्र 3 महीनों से भी कम समय में हासिल कर ली। मॉर्गन स्टेनली के आंकड़ों के आधार पर, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि जहां अमेरिका में 50% घरों को मोबाइल और डेस्कटॉप इंटरनेट तक पहुंचने में 6-12 साल लगे, वहीं इतने ही घरों को एआई प्लेटफॉर्म का उपयोगकर्ता बनने में केवल 3 साल लगेंगे।
भारत की युवा और तकनीक-प्रेमी आबादी, साथ ही स्मार्टफोन और इंटरनेट की व्यापक उपलब्धता, इसे एआई नवाचारों के लिए एक आदर्श बाजार बनाती है। यह न केवल उपयोगकर्ता आधार के मामले में महत्वपूर्ण है, बल्कि एआई-संचालित समाधानों के विकास और कार्यान्वयन में भी भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि भारत में एआई का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त और कृषि जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, जो इसे वैश्विक एआई परिदृश्य में एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करता है।
Published on:
03 Jun 2025 08:54 am
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