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पाकिस्तान के पूर्व पीएम की बहन होगी गिरफ्तार, वारंट हुआ जारी; जानें क्या लगा आरोप

कोर्ट ने अलीमा खान की व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी खारिज कर दी और उनके जमानतदार को भी नोटिस जारी किया।

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भारत

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Ashib Khan

Feb 02, 2026

Aleema Khan arrest warrant, Imran Khan sister Aleema Khan,

इमरान खान की बहन अलीमा खान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट हुई जारी (Photo-IANS)

रावलपिंडी की एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) ने सोमवार को नवंबर 2024 में हुए विरोध प्रदर्शन मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। दरअसल, कोर्ट ने लगातार समन के बावजूद पेशी में गैरहाजिर रहने पर यह सख्त कदम उठाया।

कोर्ट में वकील ने दी दलील

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अलीमा खान के वकील फैसल मलिक ने दलील दी कि जब तक उनके बैंक अकाउंट्स और पहचान पत्र (CNIC) फ्रीज हैं, तब तक वह कोर्ट में पेश नहीं होंगी। 

वहीं इस पर स्पेशल प्रॉसिक्यूटर जहीर शाह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कोई भी आरोपी कोर्ट को शर्तें नहीं बता सकता और न ही न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है। उन्होंने अलीमा खान के रवैये को शुरुआत से ही गैर-जिम्मेदाराना बताया।

कोर्ट ने अर्जी की खारिज

दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अलीमा खान की व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी खारिज कर दी और उनके जमानतदार को भी नोटिस जारी किया। कोर्ट ने रावलपिंडी के एसपी को निर्देश दिया कि अलीमा खान को गिरफ्तार कर मंगलवार (3 फरवरी) तक कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही आदेश दिया गया कि उनकी बैंक अकाउंट्स और CNIC कोर्ट में पेश होने तक फ्रीज ही रहेंगे। अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय की गई है।

क्या है मामला?

बता दें कि यह केस 26 नवंबर 2024 के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें अलीमा खान समेत 10 अन्य लोगों पर आरोप हैं। उस दिन PTI समर्थकों ने सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध के बावजूद इस्लामाबाद में प्रवेश किया और डी-चौक के पास सुरक्षा बलों से झड़प हुई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। तीन दिन तक चले PTI के विरोध प्रदर्शन का मकसद इमरान खान की रिहाई के लिए सरकार पर दबाव बनाना था, लेकिन हिंसक झड़पों के बाद यह आंदोलन अचानक समाप्त हो गया।

कराची में छापे, PTI ने SHC का दरवाज़ा खटखटाया

इधर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कराची और सिंध के अन्य इलाकों में पार्टी कार्यकर्ताओं की कथित गिरफ्तारी के खिलाफ सिंध हाईकोर्ट (SHC) में याचिका दायर की है। पार्टी का आरोप है कि मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (MPO) ऑर्डिनेंस के तहत छापेमारी कर करीब 180 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। हालांकि, सिंध सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।

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