20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमेरिका पहली बार देगा ताइवान को सैन्य सहायता, चीन की बढ़ेगी नाराज़गी

USA To Help Taiwan: अमेरिका जल्द ही ताइवान को एक बड़ी मदद देने वाला है और इसके लिए फैसला भी ले लिया है। जानिए अमेरिका का आखिर ऐसा कौनसा फैसला है जिससे चीन की नाराज़गी बढ़ सकती है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Tanay Mishra

Aug 31, 2023

military_aid_to_taiwan_from_usa.jpg

USA to give military aid to Taiwan

चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच विवाद जगजाहिर है और किसी से भी छिपा नहीं है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से टेंशन का माहौल है, पर पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ी है। पिछले साल रूस (Russia) के यूक्रेन (Ukraine) पर हमला करने के बाद चीन के ताइवान पर हमला करने की संभावना भी बढ़ गई थी। पिछले कुछ महीनों में चीन ने कई बार ताइवान बॉर्डर के नज़दीक युद्धाभ्यास भी किया है। हालांकि अमेरिका (United States Of America) ने शुरू से ताइवान का समर्थन किया है। अब ताइवान के समर्थन के लिए अमेरिका ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है।


अमेरिका देगा ताइवान को सैन्य सहायता

अमेरिका जल्द ही ताइवान को सैन्य सहायता देगा। हाल ही में जो बाइडन के प्रशासन ने ताइवान को दी जाने वाली इस मदद को मंज़ूरी दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की तरफ से ताइवान को करीब 80 मिलियन डॉलर्स (भारतीय करेंसी में करीब 661 करोड़ रुपये) की सैन्य सहायता दी जाएगी।


होगा पहला मौका

अमेरिका की तरफ से ताइवान को सैन्य सहायता देना ऐसा पहला मौका होगा जब अमेरिका की तरफ से ताइवान की खुले तौर पर सैन्य सहायता दी जाएगी। अमेरिका ने इससे पहले लंबे समय से ताइवान को समर्थन देना जारी रखा है पर अब अमेरिका ताइवान को सैन्य सहायता भी देगा, जिससे चीन के खतरे की संभावना की स्थिति में ताइवान को मदद मिले सके।

चीन की बढ़ेगी नाराज़गी

अमेरिका के इस फैसले से चीन की नाराज़गी बढ़ना तय है। चीन ने हमेशा ही ताइवान का समर्थन करने के लिए अमेरिका की आलोचना की है। ऐसे में अब अमेरिका के ताइवान को सैन्य सामग्री उपलब्ध कराने से निश्चित रूप से चीन की नाराकज़ग़ी बढ़ेगी।

चीन और ताइवान में विवाद की क्या है वजह?

दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। पर चीन अभी भी ताइवान पर अपना अधिकार जताता है। वहीं ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है। दुनिया के कई देश भी ताइवान को स्वतंत्र देश मानते हैं। इसी वजह से चीन और ताइवान में सालों से विवाद चल रहा है।