14 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अमेरिका में ट्रंप से नाराज किसानों को चीन ने कर दिया खुश, खरीदने जा रहा 65 लाख टन सोयाबीन

china us soybean deal: अमेरिका में ट्रंप से नाराज किसानों को चीन ने खुश कर दिया। 65 हजार टन सोयाबीन के 8-10 कार्गो की खरीद से बाजार में हलचल है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Mukul Kumar

•

Oct 14, 2026

trump jinping

डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग। (फोटो- IANS)

अमेरिकी किसान पिछले कई महीनों से ट्रंप प्रशासन से नाराज चल रहे थे। टैरिफ विवाद और चीन की खरीद रुकने से सोयाबीन की कीमतें दबाव में थीं। जिससे किसानों की आमदनी नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब चीन ने अचानक बड़े ऑर्डर देकर इन किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।

खबर है कि चीन के खरीदारों ने इस हफ्ते 8 से 10 पनामैक्स कार्गो अमेरिकी सोयाबीन के ऑर्डर दिए हैं। हर कार्गो में करीब 65 हजार टन सोयाबीन होता है। इसका मतलब है कि 10 पनामैक्स कार्गो में 65 लाख टन सोयाबीन होगा।

ट्रंप-जिनपिंग की बैठक के बाद हुई डील

ये डील सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वॉशिंगटन बैठक के बाद हुई है। रॉयटर्स ने तीन व्यापारिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

कार्गो दिसंबर से आगे भेजे जाएंगे। लंबे अंतराल के बाद यह खरीद किसानों के लिए राहत भरी खबर साबित हुई है। हालांकि, चीन काफी समय से सोयाबीन क्यों नहीं खरीद रहा था, इसकी एक अन्य वजह भी बताई जाती है।

क्यों हफ्तों तक रुकी रही डील?

यह तर्क दिया जाता है कि राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों के दौरान वहां मांग कम रहने से खरीद हफ्तों तक रुकी रही। बाजार इंतजार कर रहा था कि कब चीन फिर से अमेरिकी सोयाबीन लेगा।

बैठक के बाद टैरिफ कम करने की सूची में सोयाबीन शामिल नहीं था। इससे निजी कंपनियों के लौटने की उम्मीद कम हो गई थी। फिर भी सरकारी कंपनियों ने आगे बढ़कर सौदे कर लिए।

1.37 करोड़ टन अमेरिकी सोयाबीन खरीद चुका है चीन

रॉयटर्स ने एक व्यापारी के हवाले से बताया कि कंपनियों ने जनवरी के शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड सोयाबीन कॉन्ट्रैक्ट पर 3.10 से 3.20 डॉलर प्रति बुशेल का प्रीमियम चुकाया। यह कीमत अमेरिकी किसानों के लिए अच्छी मानी जा रही है।

इससे पहले चीन इस साल करीब 1.37 करोड़ टन अमेरिकी सोयाबीन खरीद चुका है। व्हाइट हाउस ने 2026-27 मार्केटिंग वर्ष के लिए 2.5 करोड़ टन का लक्ष्य रखा था। अब नया ऑर्डर मिलने से लक्ष्य की तरफ और तेजी आने की उम्मीद है।

दुनिया का सबसे बड़ा सोयाबीन आयातक है चीन

चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोयाबीन आयातक है। उसकी खरीद रुकने से अमेरिकी किसान परेशान थे। अब सरकारी स्तर पर खरीद शुरू होना कीमतों को सहारा दे सकता है। निजी क्रशर अभी भी सतर्क हैं, लेकिन सरकारी सौदों से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। सूत्रों का कहना है कि आगे और खरीद हो सकती है।