
US सुपरसोनिक बॉम्बर B-1B (सोर्स: CENTCOM एक्स पोस्ट)
US-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में भीषण जंग अब भी जारी है। इजरायल-अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान एक कदम भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों (अमेरिका-ईरान) के बढ़ते तनाव के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने दुनिया का ध्यान खींच लिया है।
बताया जा रहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई को निशाना बनाने के लिए अमेरिका ने अपने सबसे ताकतवर हथियारों में से एक का इस्तेमाल किया। जी हां, इस ऑपरेशन में अमेरिकी वायुसेना का सुपरसोनिक बॉम्बर B-1B Lancer, जिसे ‘BONE’ भी कहा जाता है। इसका निशाना इतना सटीक है कि पल भर में ही दुश्मनों के परखच्चे उड़ा देता है। यह 1985 से यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स के बेड़े का हिस्सा रहा है।
अमेरिकी सेना की कमान संभालने वाला यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (United States Central Command) ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है, जिसमें यह लंबी दूरी का सुपरसोनिक बॉम्बर मिडिल ईस्ट के आसमान में मिशन उड़ान भरते हुए नजर आ रहा है।
बता दें ऑपरेशन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ फरवरी के आखिर में शुरू हुआ था, जो ईरान के लिए चलाया गया था। इस ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की भी मौत हो गई थी।
वीडियो शेयर करते हुए, CENTCOM ने X पर लिखा- “B-1B लांसर्स जो 75,000 पाउंड का पेलोड ले जाने में सक्षम हैं, इसने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के सपोर्ट में मिडिल ईस्ट में काम किया है। BONE नाम के B-1Bs ने स्पीड, पेलोड और रेंज के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं।”
US सुपरसोनिक बॉम्बर B-1B इतना पावरफुल क्यों है? चलिए आपको आसान भाषा में समझाते हैं… दरअसल
B-1B Lancer को शुरुआत में परमाणु हथियार ले जाने वाले स्ट्रेटेजिक बॉम्बर के रूप में बनाया गया था। लेकिन 1990 के दशक के बीच में इसकी भूमिका बदल दी गई और इसे पारंपरिक हथियारों से हमले करने के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। आज इसकी गिनती दुनिया के सबसे ताकतवर हथियार ले जाने वाले बॉम्बर्स में गिना जाता है।
यह विमान करीब 75,000 पाउंड (लगभग 34,000 किलोग्राम) तक हथियार ले जा सकता है। इसकी रफ्तार Mach 1.2 तक पहुंच सकती है, जिससे यह तेजी से दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला कर सकता है। इसका खास स्विंग-विंग डिजाइन उड़ान के दौरान पंखों की पोजीशन बदलने देता है, जिससे तेज उड़ान और लंबी दूरी की यात्रा दोनों आसान हो जाती हैं। हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा के कारण यह बहुत लंबी दूरी तक मिशन कर सकता है। B-2 Spirit के विपरीत, B-1B अब मुख्य रूप से सटीक पारंपरिक हथियारों का इस्तेमाल करता है। इससे पहले भी अमेरिका ने अफगानिस्तान, इराक और सीरिया जैसे युद्धों में इस बॉम्बर का इस्तेमाल किया है, जिसने दुश्मनों के परखच्चे उड़ा दिए थे।
Published on:
16 Mar 2026 04:35 pm
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