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Atom Bomb: अमरीका बनाएगा ‘लिटिल बॉय’ से 24 गुना घातक परमाणु बम, क्या फिर ‘हिरोशिमा’ और ‘नागासाकी’ तबाह होंगे?

Atom Bomb making by America: अमरीका ने 78 वर्ष पहले द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर दो परमाणु बम गिराए थे जिसमें दो लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे।

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America is making Atom Bomb: परमाणु निरस्त्रीकरण के बहस के बीच अमरीका अब नया शक्तिशाली परमाणु बन बनाने की तैयारी कर रहा है। यह द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा पर गिराए गए बम से भी 24 गुना ज्यादा ताकतवर होगा। अमरीकी रक्षा विभाग ने इस बारे में घोषणा की है कि यह बी61 न्यूक्लियर गैविटी बम का आधुनिक संस्करण होगा जिसे बी61-13 नाम दिया गया है। यह 360 किलोग्राम टन वजनी होगा। यानी इससे परमाणु बमों की संख्या नहीं बढ़ेगी बल्कि परमाणु जखीरा और घातक हो जाएगा। अभी इसे कांग्रेस (अमरीकी संसद) में मंजूरी मिलना बाकी है।

'विश्व में सुरक्षा चुनौतियों के लिए हम हो रहे हैं तैयार'

अंतरिक्ष रक्षा नीति के असिस्टेंट सेक्रेटरी जान प्लंब का कहना है कि यह तैयारी दुनिया के मौजूदा सुरक्षा स्थिति में बदलाव और बढ़ते खतरे को देखते हुए की जा रही है। हम अपने देश और सहयोगियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि बढ़ती चुनौतियों के लिए हम सचेत हैं और सक्षम भी।

लिटिल बॉय और फैट मैन बम क्या है?

अमेरिका ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा पर जो परमाणु बम गिराया था, उसका कूट नाम लिटिल बॉय था। अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर 78 साल पहले परमाणु बम गिराया था। अमेरिका ने हिरोशिमा पर जिस बम को गिराया था उसका नाम लिटिल बॉय था जबकि नागासाकी पर गिराया गया बम फैट मैन था। अमेरिका के इस हमले में हिरोशिमा में 1,40,000 लोग और नागासाकी में करीब 74,000 लोग मारे गए थे। परमाणु बम गिराए जाने के कई दशक बाद तक जापान के इन दोनों शहरों पर बेहद नकारात्मक असर देखा गया। यहां बच्चे अपंग पैदा होते रहे। अमरीका द्वारा दुनिया में परमाणु बम का यह पहला प्रयोग था। अमरीका ने इसे बनाने और प्रयोग करने में खरबों रुपये खर्च डाले थे। लिटिल ब्वॉय को बनाने में अमरीका ने 127 अरब, 35 करोड़ और 20 लाख डॉलर खर्च कर दिए। इस बम का वजन 4400 किलोग्राम था और इसकी लंबाई करीब 10 फीट थी। इसे बनाने में यूरेनियम 235 का इस्तेमाल किया गया था और इसे अमरीका के टैनेसी प्रांत की फैक्ट्री में तैयार किया गया था। इसे अमरीका के वायुसेना के बोइंग बी-29 सुपरफोर्टलेस एनोला गे बॉम्बर्स से जापान के हिरोशिमा शहर पर 6 अगस्त 1945 को गया था। हालांकि अमरीका ने 1951 में इसे अपनी सेना की सभी यूनिट्स से हटा लिया था।

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