1 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां की एक भूल ने ले ली मासूम की जान, गर्म कार से हुई छोटे बच्चे की मौत, जानें कैसे हुआ हादसा

टेक्सास की रैलेन बैलफोर की दर्दनाक कहानी, जिन्होंने थकान और दिनचर्या में बदलाव के कारण अपने 9 महीने के बेटे को कार में भूलवश छोड़ दिया। कई घंटे बाद हुई इस गलती से बच्चे की मौत हो गई, जो कार में बढ़ते तापमान के खतरों को उजागर करती है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Anurag Animesh

May 01, 2026

America News

America News(AI Image-ChatGpt)

अमेरिका के टेक्सास राज्य के सैन एंटोनियो शहर में रहने वाली 54 वर्षीय रैलेन बैलफोर की कहानी एक ऐसी दर्दनाक घटना को सामने लाती है, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। मार्च 2007 में हुई इस घटना में उन्होंने अनजाने में अपने नौ महीने के बेटे ब्राइस को कार में ही छोड़ दिया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। रैलेन के मुताबिक, उस दिन वह बेहद थकी हुई थीं और उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या में भी बदलाव हुआ था। इसी वजह से उनके दिमाग में यह ‘झूठी याद’ बन गई कि उन्होंने अपने बेटे को बेबीसिटर के पास छोड़ दिया है। इस गलतफहमी के चलते वह सीधे काम पर चली गईं और पूरे दिन सामान्य तरीके से काम करती रहीं।

जान लें डिटेल्स


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब सात घंटे बाद उन्हें चाइल्डमाइंडर का फोन आया, जिसमें बताया गया कि वह ब्राइस को छोड़ने आई ही नहीं थीं। यह सुनते ही रैलेन के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें तुरंत एहसास हुआ कि कुछ बहुत गलत हो गया है। वह भागकर अपनी कार तक पहुंचीं और देखा कि उनका बेटा अभी भी कार की सीट पर बंधा हुआ है और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा। घबराई हुई रैलेन ने तुरंत उसे बाहर निकालकर सीपीआर देने की कोशिश की और मदद के लिए आपातकालीन सेवाओं को बुलाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने ब्राइस को मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत का कारण हाइपरथर्मिया यानी अत्यधिक गर्मी से शरीर का तापमान बढ़ जाना बताया गया।

कैसे हुआ हादसा?


एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही बाहर का तापमान सामान्य लगे, लेकिन बंद कार के अंदर का तापमान बहुत तेजी से खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है, जो छोटे बच्चों के लिए घातक साबित होता है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कार में बच्चों को अकेला छोड़ना कितना जोखिम भरा हो सकता है। रैलेन ने उस भयावह पल को याद करते हुए बताया कि वह पूरी तरह टूट चुकी थीं। उन्होंने कहा कि उस समय वह इतनी ज्यादा सदमे में थीं कि उन्होंने आत्महत्या तक के बारे में सोच लिया था। यह घटना उनके जीवन का ऐसा जख्म बन गई, जो आज भी उन्हें हर दिन परेशान करता है।