
Abbas Araghchi (Photo - Washinton Post)
ईरान (Iran) की विदेश नीति में विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) की अहम भूमिका रही है। ईरान के खिलाफ युद्ध हो, या फिर सीज़फायर, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद करने का मामला हो, या फिर अमेरिका (United States of America) से शांति-वार्ता, हर मोड़ पर अराघची पूरी तरह से एक्टिव रहे हैं। देश के लिए कठिन समय के दौरान भी अराघची लगातार सहयोगी देशों के संपर्क में रहे। लेकिन अब उनकी ही कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) और संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (MB Ghalibaf), दोनों ही अराघची के खिलाफ हो गए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ही अराघची को विदेश मंत्री के पद से हटाना चाहते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पेज़ेशकियान और गालिबफ ने अराघची पर राष्ट्रपति को दरकिनार करते हुए आईआरजीसी (IRGC) के निर्देशों का पालन करने का आरोप लगाया है। दोनों का मानना है कि अराघची ने कैबिनेट मंत्री की भूमिका से ज़्यादा आईआरजीसी कमांडर अहमद वाहिदी (Ahmad Vahidi) के सहायक के रूप में काम किया है और यही दोनों की नाराज़गी की वजह है। सरकारी सूत्रों के अनुसार अराघची सभी मामलों में वाहिदी के साथ पूर्ण समन्वय में काम कर रहे हैं और राष्ट्रपति पेज़ेशकियान को सूचित किए बिना आईआरजीसी कमांडर के निर्देशों के आधार पर नीतियों को लागू कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ईरानी सरकार और आईआरजीसी में आंतरिक मतभेद गंभीर हो गए हैं। इस वजह से पेज़ेशकियान के लिए गहरी असंतुष्टि पैदा हो गई है, जिन्होंने कथित तौर पर अपने करीबी लोगों से कहा है कि अगर वर्तमान स्थिति बनी रहती है तो वह अराघची को बर्खास्त कर देंगे।
Updated on:
01 May 2026 01:26 pm
Published on:
01 May 2026 01:15 pm
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