
फोटो में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप (इमेज सोर्स: ANI)
Anger in Israel over US-Iran peace deal: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने के लेकर मेमोरेंडेम ऑफ अंडरस्टैंडिंग MoU साइन हो चुका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा वर्सेल्स में होस्ट किए गए डिनर के दौरान ईरान मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किए, जबकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने डिजिटली MoU पर साइन किए। दोनों देशों के बीच 14 मुद्दों पर सहमति बनी है। फाइनल डील पर 19 जून को हस्ताक्षर होना है, लेकिन इससे पहले अमेरिका ने ईरान संग इस ड्राफ्ट समझौते को सार्वजनिक किया है। इस डील को लेकर इजरायल में भारी नाराजगी है।
ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन से इजरायल में भारी नाराजगी है। इजरायल की सभी राजनीतिक पार्टियों ने अमेरिकी नीति का विरोध किया है। इजरायल ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन में ऐसी कोई बात नहीं है, जिसे इजरायल स्वीकार करने को तैयार था।
इस समझौते में ईरान की यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को खत्म करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें क्षेत्र में ईरान के सहयोगी समूहों के साथ उसके संबंधों पर भी कोई ठोस बात नहीं कही गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे ईरानी सरकार का पतन नहीं होता, जबकि नेतन्याहू ने इजरायली जनता से वादा किया था कि इस युद्ध का नतीजा यही होगा।
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि हमने अमेरिका के साथ कूटनीतिक बातचीत मजबूती से की। उन्होंने कहा कि ईरान की युद्ध की मैदान में जीत ने इन बातचीत का आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए यह ज़रूरी है कि युद्ध में मिली कामयाबियों को एक ऐसे स्थायी समझौते में बदला जाए जो देश के हितों को पूरा करे। जीत के साथ खत्म होने वाली हर जंग, अगर अंत में किसी कानूनी और राजनीतिक दस्तावेज का रूप नहीं लेती और उन जीतों को दर्ज नहीं किया जाता, तो उससे कोई फायदा नहीं होगा।
| क्रमांक | समझौते का प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | युद्ध और फायरिंग पर रोक | अमेरिका और ईरान ने सभी मोर्चों पर तत्काल युद्ध और गोलीबारी बंद करने पर सहमति जताई। |
| 2 | हमला या धमकी नहीं | दोनों देश एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे और किसी प्रकार की धमकी भी नहीं देंगे। |
| 3 | संप्रभुता का सम्मान | दोनों पक्ष एक-दूसरे की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान करेंगे। |
| 4 | 60 दिनों में अंतिम समझौता | अगले 60 दिनों के भीतर व्यापक और अंतिम समझौते पर बातचीत की जाएगी। |
| 5 | नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त | अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करेगा और सैन्य बल हटाएगा। |
| 6 | होर्मुज में सुरक्षित आवागमन | ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित और निशुल्क आवाजाही सुनिश्चित करेगा। |
| 7 | 300 अरब डॉलर की विकास योजना | अमेरिका ईरान के आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेगा। |
| 8 | प्रतिबंधों में राहत | अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने या उनमें राहत देने के लिए तैयार है। |
| 9 | परमाणु हथियार नहीं | ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता जताई है। |
| 10 | यथास्थिति बनाए रखना | अंतिम समझौते तक दोनों देश कोई नया सैन्य या प्रतिबंधात्मक कदम नहीं उठाएंगे। |
| 11 | तेल और बैंकिंग में छूट | अमेरिका ईरान को तेल निर्यात और बैंकिंग गतिविधियों में विशेष छूट देगा। |
| 12 | फंसी संपत्तियों की रिहाई | ईरान की विदेशों में फंसी संपत्तियां और धनराशि जारी की जाएगी। |
| 13 | निगरानी तंत्र | समझौते के क्रियान्वयन और पालन की निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाया जाएगा। |
| 14 | संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी | अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अनुमोदन दिलाया जाएगा। |
वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह से खोलने की योजना भी इस समझौते का हिस्सा है। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही तुरंत शुरू की जाएगी। ईरान ने आश्वासन दिया है कि अगले 60 दिनों तक फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और बिना किसी शुल्क के आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा समुद्री मार्गों में मौजूद तकनीकी और सुरक्षा संबंधी बाधाओं को दूर करने तथा समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा।
Updated on:
18 Jun 2026 07:26 am
Published on:
18 Jun 2026 07:22 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
