
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। (फोटो- IANS)
19 जून यानी अभी से ठीक 48 घंटे बाद ईरान के साथ अमेरिका की शांति डील पर औचारिक हस्ताक्षर होना है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान बुधवार को साफ कह दिया है कि ईरान के साथ अभी डील फाइनल नहीं हुई है। अगर ईरान अमेरिका की शर्तें नहीं मानता है तो वह उस पर हमला कर देंगे।
इस धमकी के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने पाकिस्तान और कतर को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान और कतर से अमेरिका दबाव बना रहा है कि समझौते का पूरा टेक्स्ट आज ही सार्वजनिक कर दिया जाए।
उपराष्ट्रपति वैंस ने CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तान और कतर ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि कुछ समय तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक न किया जाए।
उन्होंने कहा- वे चाहते हैं कि शुक्रवार तक इंतजार हो, लेकिन हम आज ही इसे जारी करने के लिए जोर डाल रहे हैं। हम अमेरिकी लोगों को बताना चाहते हैं कि यह उनके लिए फायदेमंद सौदा है।
सीएनएन ने इस एमओयू का एक ड्राफ्ट हासिल करने का दावा किया है, जिसमें बदलाव हो सकते हैं। ट्रंप ने G7 मीटिंग में भी कहा कि टेक्स्ट अभी अंतिम रूप से तैयार नहीं हुआ है और कुछ रिपोर्टों में जो बातें आई हैं, उन पर भी सवाल उठाए।
अमेरिका इस समझौते को युद्ध खत्म करने वाला कदम बता रहा है, लेकिन इसमें सख्त शर्तें भी जुड़ी हुई हैं। ट्रंप का रुख साफ है- ईरान को शांति बनाए रखनी होगी, वरना पुरानी स्थिति वापस आ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन घरेलू स्तर पर इस सौदे को सकारात्मक बताकर अपना समर्थन बढ़ाना चाहता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्पष्टता रखना चाहता है ताकि बाजार और सहयोगी देशों में भ्रम न फैले।
पाकिस्तान और कतर जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनकी संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखा जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि आज टेक्स्ट जारी होता है या नहीं। अगर जारी हुआ तो दुनिया जान पाएगी कि असल में इस समझौते में क्या-क्या लिखा है।
Published on:
17 Jun 2026 08:15 pm
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