
आपके पास एक कहानी होनी चाहिए या फिर एक गीत, फिर एआइ उसे आपका मनचाहा आकार दे सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की बात होती है, तो ओपनएआइ के चैटजीपीटी, गूगल के जैमिनी, एक्स के ग्रोक, एंथ्रोपिक के क्लाउडे या चीन के डीपसीक जैसे नाम आते हैं। अब स्वदेशी और संप्रभु एआइ के नारे के साथ भारत ने न केवल इस दौड़ में कदम रखा है, बल्कि कुछ भारत विशिष्ट बेंचमार्क पर जैमिनी व चैटजीपीटी जैसे दिग्गज मॉडल्स को चुनौती देना भी शुरू कर दिया है। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप 'सर्वम एआई' के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में चार्ट सहित दावा किया कि 'सर्वम विजन' ने 'ओएलम ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) बेंच' में 'में 84.3% का एक्यूरेसी स्कोर हासिल किया है।
यह स्कोर जेमिनी 3 प्रो (84.3%) व डीपसीक ओसीआर वी2 (78.8%) से ज्यादा है, चैटजीपीटी 5.2 (69.8%) की रैंकिंग भी काफी कम थी। वहीं, इसी स्टार्टअप का 'बुलबुल वीउ' टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल देसी भाषाओं में 35 से अधिक आवाजों वाला है। विशेषज्ञ इस तरह के विकल्पों को 'इलेवन लैब्स' जैसे विदेशी विकल्पों की बजाय ज्यादा किफायती बताते हैं।
केंद्र सरकार संप्रभु एआइ ढांचे को लेकर गंभीर है। देश 16-20 फरवरी को 'इंडिया एआइ इम्पैक्ट समिट 2026' की मेजबानी करेगा, जहां स्वदेशी एआइ मॉडल्स का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट ने 2024 में इंडिया एआइ मिशन के लिए लगभग 10,959 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। लक्ष्य अहम सेक्टरों में स्वदेशी लार्ज मल्टीमॉडल मॉडल व क्षेत्र-विशेष में उपयोगी एआइ मॉडल विकसित और लागू करना है ताकि भारत का डेटा भारत में ही रहे।
ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (ओसीआर) एक ऐसी तकनीक है जो मुद्रित या हस्तलिखित दस्तावेजों, फोटो और पीडीएफ फाइलों को संपादन योग्य और खोज योग्य टेक्स्ट में बदलती है। यानी बिल, को फॉर्म या हाथ से लिखे नोट्स, गणितीय फार्मूले, टेबल आदि एआइ टूल कितनी सटीकता से 'पव और 'समझ' सकता है।
Published on:
10 Feb 2026 01:04 pm
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