Pakistan Army Chief President Rumors: पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर को लेकर अफवाह है कि वे राष्ट्रपति ज़रदारी की जगह ले सकते हैं।
Pakistan Army Chief President Rumors: पाकिस्तान में इन दिनों एक बड़ी राजनीतिक चर्चा ने ज़ोर पकड़ लिया है - क्या देश के मौजूदा राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी (Asif Ali Zardari)को उनके पद से हटाया जा रहा है? और क्या पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ( Asim Munir) उनकी जगह लेने वाले हैं? सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाहें तेज़ी से फैल रही थीं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इन चर्चाओं के बीच अब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी (Mohsin Naqvi) ने सामने आकर इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन अफवाहों को "दुर्भावनापूर्ण अभियान" करार देते हुए कहा कि इसका मकसद देश के संवैधानिक पदों को बदनाम करना है।
मोहसिन नक़वी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “हमें पता है कि यह अभियान कौन चला रहा है और किस मंशा से चलाया जा रहा है। इसमें राष्ट्रपति ज़रदारी, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर तीनों को टारगेट किया जा रहा है।”
हालांकि नक़वी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान से साफ है कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। पाकिस्तान की राजनीति में सेना का सीधा या परोक्ष हस्तक्षेप कोई नई बात नहीं है, इसलिए अफवाहों ने लोगों का ध्यान खींचा।
गौरतलब है कि इससे पहले कई बार ये आरोप लग चुके हैं कि पाकिस्तान की असली सत्ता सेना के पास होती है। इसीलिए जैसे ही ये चर्चा सामने आई कि जनरल आसिम मुनीर खुद राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं, लोगों में हलचल मच गई। फिलहाल सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह से झूठा बताया है।
पाकिस्तान में विपक्षी दलों और आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
पाकिस्तानी पत्रकारों और एक्टिविस्ट्स ने इसे "सेना की सियासत में बढ़ती दखलअंदाजी" करार दिया है।
कुछ लोगों ने कहा – "अगर सेना प्रमुख राष्ट्रपति बनते हैं, तो लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला होगा।"
क्या सेना और सत्तारूढ़ दल के बीच कोई अंदरूनी समझौता चल रहा है?
अगर आसिम मुनीर राष्ट्रपति बनते हैं, तो क्या यह 2024 में इमरान खान को सत्ता से बाहर करने की पटकथा का हिस्सा है?
आने वाले हफ्तों में क्या सुप्रीम कोर्ट या पाकिस्तान चुनाव आयोग इस पर कोई संज्ञान लेगा?
पाकिस्तान में पहले भी सेना प्रमुख राष्ट्रपति बन चुके हैं – जैसे जनरल परवेज़ मुशर्रफ। क्या यह उसी राह पर एक और कदम है?
क्या पाकिस्तानी संविधान सेना प्रमुख को राष्ट्रपति बनने की अनुमति देता है या इसके लिए विशेष प्रक्रिया ज़रूरी है?
ज़रदारी हटते हैं तो पीपीपी और पीएमएल-एन के गठबंधन पर असर पड़ेगा क्या ?