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अमेरिका में हिंदू मंदिर में गोलीबारी की साजिश का आरोपी निकला नियो नाजी समर्थक, क्या है इसका हिटलर से कनेक्शन?

Plot to attack a Hindu temple: अमेरिका के ऑरोरा में हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की साजिश का आरोपी 19 साल का पापोराकिस नियो-नाजी विचारधारा का समर्थक निकला। जानें पूरा मामला।
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US man plots mass shooting at Hindu temple

हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की साजिश से अमेरिका में हड़कंप। घटनास्थल पर जांच करती पुलिस की टीम (सोर्स- आईएएनएस)

Aurora Hindu temple: अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा शहर में एक हिंदू मंदिर में भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की साजिशकर्ता के नव नाजी और चरमपंथी विचारधारा से जुड़ने की बात सामने आई है। 19 वर्षीय आरोपी एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को अमेरिकी पुलिस ने ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी बालाजी मंदिर पर संभावित सामूहिक गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद गिरफ्तार किया था। अमेरिकी पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से कथित हमले की योजना का एक दस्तावेज, हथियार और सामरिक उपकरण बरामद किए हैं।

अमेरिकी अखबारों ने घटना के बारे में क्या लिखा है?

शिकागो ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों को पापोराकिस के नाम से एक घोषणापत्र भी मिला है। जिसमें उसने लिखा कि Why I Fought A.K.A, आरोपी ने इसमें श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचारधारा वाली बातें लिखी हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ से जुड़े प्रतीक वाला एक पैच भी बरामद किया है।

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट ने लिखा कि आरोपी ने खुद को श्वेत वर्चस्ववादी बताया और अमेरिकी-भारतीय नागरिकों को मारने की इच्छा जताई। उसने भारतीय, यहूदियों और अश्वेत लोगों को अमानवीय बताया और ज्यादा से ज्यादा लोगों को मारने की बात कही। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, बुधवार को हुई सुनवाई के बाद जज ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया। उसकी अगली अदालती पेशी 30 अक्टूबर को होगी।

कथित हमले की कोशिश के वक्त अमेरिकी कांग्रेस सदस्य मंदिर में पूजा कर रहे थे

अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने बताया कि कथित हमले की कोशिश के वक्त वे और उनका परिवार उसी मंदिर में पूजा कर रहे थे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए घटना की निंदा की और नस्लीय नफरत व श्वेत वर्चस्व के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि हम निर्दोष लोगों के मारे जाने तक इंतजार नहीं कर सकते, इन खतरों को गंभीरता से लेना होगा।

दक्षिण एशियाई अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली ऑनलाइन नफरत में तेज बढ़ोतरी

कांग्रेसनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन कॉकस (CAPAC) ने भी इस कथित साजिश की निंदा की और इसे अल्पसंख्यक समुदायों और धार्मिक स्थलों के लिए श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा के खतरे का सबूत बताया। कॉकस के नेतृत्व के बयान में कहा गया कि यह साजिश हमारे समुदायों और प्रार्थना स्थलों के लिए श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा के असली खतरे को उजागर करती है और इसे अलग-थलग घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता। कॉकस ने 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट' (CSOH) की 28 सितंबर को जारी रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें दक्षिण एशियाई अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली ऑनलाइन नफरत में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भारत सरकार ने भी जताई इस घटना पर चिंता

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि कथित हिंदू विरोधी घटना और नस्लवादी हमले परेशान करने वाले हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।

ऑरेरा के मेयर और इलिनॉय के गर्वनर में भी घटना की निंदा

ऑरोरा के मेयर जॉन लेश और इलिनॉय के गवर्नर जेबी प्रित्जकर ने घटना की निंदा की। मेयर ने कहा कि अपने धर्म का पालन करने पर किसी को धमकी या डराने-धमकाने का सामना नहीं करना चाहिए। इलिनॉय के गवर्नर जेबी प्रित्जकर ने कहा कि इलिनॉय में नफरत की कोई जगह नहीं है। हमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा की निंदा करनी होगी, जो इलिनॉय के लोगों की बदौलत ऑरोरा में घटित नहीं हो सका।

नियो नाजीवाद क्या है?

नियो नाजीवाद एक चरमपंथी विचारधारा है। यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद उभरी। इसके समर्थक जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर से की नाजी पार्टी से विचारों से प्रभावित हैं। वह यूरोप और अमेरिका में इसे फिर से जिंदा करने की कोशिश में जुटे रहते हैं। नाजीवाद नस्लीय श्रेष्ठता, यहूदी विरोध, तानाशाही और विस्तारवाद को बढ़ावा देता था। नाजीवाद श्वेत नस्ल को सबसे श्रेष्ठ मानती है।

आज के नियो-नाजी समूह सिर्फ यहूदियों तक सीमित नहीं है। वे प्रवासियों, अश्वेतों, एशियाई लोगों, हिंदू व मुस्लिमों समेत कई समुदायों को निशाना बनाते हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया इनके प्रचार और भर्ती का बड़ा जरिया बन गया है।