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इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंतसिंह के भतीजे बलतेजसिंह को ‘इस केस में’ न्यूजीलैंड में 22 साल की सज़ा

New Zealand drug case: इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह के भतीजे बलतेज सिंह को न्यूजीलैंड में 700 किलोग्राम मेथामफेटामाइन रखने के मामले में 22 साल की सजा सुनाई गई है।
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भारत

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MI Zahir

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Updated: 21 Feb 2025, 9:20 PM IST

Baltejsingh

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New Zealand drug case: इंदिरा गांधी ( Indira Gandhi )के हत्यारे सतवंतसिंह के भतीजे 32 वर्षीय बलतेजसिंह (Baltej Singh) को न्यूजीलैंड में मादक पदार्थों के मामले (New Zealand Drug Case) में 22 साल की सजा मिली है। उसकी एक जांच में मेथामफेटामाइन नेटवर्क मास्टरमाइंड के रूप में पहचान की गई। ध्यान रहे कि बलतेजसिंह को न्यूजीलैंड में 700 किलोग्राम मेथामफेटामाइन रखने के मामले में 2023 में गिरफ्तार किया गया था। एक 21 वर्षीय युवक की मेथामफेटामाइन (methamphetamine) सेवन करने के बाद हुई थी और जिसके बाद की गई जांच में बलतेजसिंह का नाम सामने आया। बलतेजसिंह को शुक्रवार को 22 साल की सजा सुनाई गई।

मेथामफेटामाइन क्या होता है ?

मेथामफेटामाइन एक सिंथेटिक (कृत्रिम) ड्रग है, जो आमतौर पर एक शक्तिशाली उत्तेजक के रूप में काम करता है। इसे "meth" या "crystal meth" के नाम से भी जाना जाता है। यह ड्रग तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और मस्तिष्क में डोपामाइन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे व्यक्ति को तात्कालिक रूप से ऊर्जा, उत्साह और ताजगी महसूस होती है।
हालांकि, यह ड्रग अत्यंत आदत बनाने वाला और खतरनाक होता है। इसके सेवन से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं, जैसे कि नशे की लत, मानसिक विकार, हृदय की समस्याएँ, नींद में गड़बड़ी, और कई बार मौत भी हो सकती है। यह ड्रग अवैध रूप से उत्पादित और वितरित किया जाता है और इसका सेवन किसी भी स्थिति में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) पर प्रभाव डालता है सिंथेटिक ड्रग

मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) एक अत्यधिक शक्तिशाली और नशीला उत्तेजक पदार्थ है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) पर प्रभाव डालता है। यह एक सिंथेटिक ड्रग है, जो मुख्य रूप से क्रिस्टल रूप में पाया जाता है और इसे "क्रिस्टल मेथ", "मेट" या "शार्क" के नाम से भी जाना जाता है। यह ड्रग दिमाग और शरीर पर तत्काल प्रभाव डालता है ।

मेथामफेटामाइन कैसे काम करता है ?

मेथामफेटामाइन मस्तिष्क में डोपामाइन नामक न्यूरोट्रांसमीटर (रासायनिक संदेशवाहक) को सक्रिय करता है, जो खुशी और संतुष्टि का अहसास कराने में मदद करता है। यह डोपामाइन का स्तर बहुत तेजी से बढ़ा देता है, जिससे व्यक्ति को अत्यधिक खुशी, ऊर्जा, और आत्मविश्वास महसूस होता है। लेकिन इसके प्रभाव समय के साथ घटने लगते हैं, जिससे व्यक्ति फिर से इसे लेने की इच्छा महसूस करता है।

मेथामफेटामाइन के नकारात्मक प्रभाव

लंबी अवधि तक सेवन करने से अत्यधिक नशे की लत लग सकती है।
नींद की कमी (इन्सोम्निया), भूख में कमी, और चिंता जैसी समस्याएं।
नशे की अधिकता से दिल का दौरा, स्ट्रोक, या सांस की समस्या हो सकती है। हृदय की दर बढ़ना, उच्च रक्तचाप, और शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ना। मानसिक समस्याएं जैसे कि मानसिक तनाव, हिंसक आचरण, और पारanoid सोच। दांतों का गिरना (जिसे "meth mouth" कहा जाता है) और त्वचा पर गहरे दाग-धब्बे हो सकते हैं।

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