
हिंदू नेता गोविंद प्रमाणिक का नामांकन रद्द, फैसले को देंगे चुनौती। (Photo-ANI)
Bangladesh Election: क्या बांग्लादेश हिंदुओं के खिलाफ राजनीति कर रहा है? क्या बांग्लादेश ऐसे फैसले ले रहा है जिससे हिंदुओं को आगे नहीं बढ़ने दिया जाए? ऐसा इसलिए क्योंकि बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने हाल ही में एक हिंदू नेता का चुनाव नामांकन पत्र रद्द कर दिया है। इसके बाद हिंदू नेता गोविंद प्रमाणिक ने कहा कि मैं चुनाव आयोग के नामांकन रद्द करने के फैसले के खिलाफ अपील करूंगा, साथ ही चुनाव लड़ने के मेरे अधिकारों की रक्षा करूंगा।
बता दें कि गोविंद प्रमाणिक बांग्लादेश नेशनल हिंदू महाजोत (BJHM) के एक समूह के महासचिव हैं। यह संगठन बांग्लादेश में स्थित एक गैर-राजनीतिक और सामाजिक हिंदू धार्मिक संगठन है।
बांग्लादेशी हिंदू नेता गोविंद प्रमाणिक ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रमुख चुनावी क्षेत्र से अपना नामांकन भरा था। इसके बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। बता दें कि गोविंद प्रमाणिक ने गोपालगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। बाद में जब दस्तावेजों की जांच की गई, तो जांच प्रक्रिया के दौरान हस्ताक्षर से जुड़ी कुछ कमियां पाई गईं, जिसके कारण बांग्लादेशी चुनाव आयोग ने गोविंद प्रमाणिक का नामांकन पत्र रद्द कर दिया था।
बांग्लादेश के आगामी चुनावों के लिए नामांकन पत्र रद्द करने के बाद हिंदू नेता गोविंद चंद्र प्रमाणिक ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अपील करने की घोषणा की है। प्रमाणिक का नामांकन पत्र कई हस्ताक्षरों की पुष्टि नहीं हो पाने के कारण रद्द हुआ था।
बता दें कि इस निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवारों को कम से कम 3,086 मतदाताओं द्वारा हस्ताक्षरित सहमति पत्र जमा करना होता है। हालांकि, जांच के दौरान बांग्लादेश चुनाव आयोग के अधिकारियों को कई कमियां मिलीं। कई हस्ताक्षरों की पुष्टि नहीं हो पाई, जिसके कारण प्रमाणिक का नामांकन पत्र रद्द हो गया।
बांग्लादेशी हिंदू नेता गोविंद प्रमाणिक का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद, उनके साथ-साथ उनके समर्थक भी आक्रोशित हैं और उन्होंने इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है। इसके साथ उन्होंने विश्वास भी जताया है कि सबकुछ सही होगा और जांच में पाई गई कमियों को दूर किया जा सकता है।
प्रमाणिक ने मीडिया से बात की और कहा, "मैं चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ अपील करूंगा; सब ठीक किया जा सकता है।"
बता दें कि यह फैसला बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लिए एक तनावपूर्ण समय के बीच आया है। पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेशी कट्टरपंथियों द्वारा अल्पसंख्यक समूहों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके खिलाफ हिंसा और हत्याएं हो रही हैं।
Published on:
05 Jan 2026 03:37 pm
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