
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बांग्लादेश में हिंसा। (फोटो- ANI)
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बिगड़ती स्थिति पर भारतीय अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय लक्षित हिंसा का सामना कर रहे हैं और ढाका में यूनुस सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।
सुब्रमण्यम ने एक इंटरव्यू में कहा- एक अमेरिकी नजरिए से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बांग्लादेश आने वाले लोगों को उनकी जाति, पृष्ठभूमि या धर्म के कारण किसी भी तरह की हिंसा या बदले की भावना का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा- हमने देखा है कि बांग्लादेश में खास तौर पर हिंदुओं पर कई हमले हुए हैं। वर्जीनिया से डेमोक्रेट सांसद ने कहा कि ये हमले सिर्फ इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं हैं, बल्कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह एक बड़ा पैटर्न बन गया है।
भारतीय अमेरिकी सांसद ने कहा- हमें चिंता है कि सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को यह आकलन करना होगा कि ढाका इस पर कैसे प्रतिक्रिया देने का इरादा रखता है।
सुब्रमण्यम ने कहा कि हिंसा में धार्मिक स्थलों, व्यवसायों और व्यक्तियों पर हमले शामिल हैं। उन्होंने कहा- हमने हिंदू और अन्य धार्मिक स्मारकों व स्थलों पर हमले और उन्हें नुकसान पहुंचाते देखा है। हमने हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के व्यवसायों पर हमले और उन्हें नुकसान पहुंचाते देखा है।
सुब्रमण्यम ने कहा- बांग्लादेश में हम कई मामलों में लोगों पर हमले और उनकी हत्याएं देख रहे हैं। वहीं, यह मानते हुए कि राजनीतिक बदलाव अस्थिर हो सकते हैं, सुब्रमण्यम ने कहा कि हिंसा का पैमाना और लगातार होना चिंताजनक है।
उन्होंने कहा- हम समझते हैं कि कभी-कभी सरकारों और शासन में बदलाव होते हैं और जब यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं होती है तो अक्सर बहुत हिंसा होती है। उन्होंने कहा- लेकिन इस मामले में, यह सरकार के सत्ता में आने के बाद से हो रहा है।
सुब्रमण्यम ने कहा कि अमेरिका में बांग्लादेशी अमेरिकी समुदाय के सदस्य काफी चिंतित हैं। सुब्रमण्यम ने कहा- मेरे बहुत से बांग्लादेशी अमेरिकी मतदाता हैं जो हिंदू, मुस्लिम और अन्य धर्मों के हैं और वे बांग्लादेश में जो हो रहा है, उसके बारे में चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार वहां हैं और वे चाहते हैं कि हम यह पता लगाने की कोशिश करें कि हम आगे चलकर वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं।
सांसद ने कहा कि अमेरिका को हिंसा और नफरत भरे अपराधों की निंदा करते रहना चाहिए, भले ही वह संभावित राजनयिक कदमों पर विचार कर रहा हो। उन्होंने कहा- हम अमेरिका में अपने कुछ ऑप्शन पर विचार करते रहेंगे कि हम यह पक्का करने के लिए क्या कर सकते हैं कि वहां लोगों को सुरक्षित रखा जाए, चाहे उनका बैकग्राउंड, धर्म या नस्ल कुछ भी हो।
जब पूछा गया कि क्या अमेरिका इस मुद्दे पर ढाका पर दबाव डाल सकता है, तो सुब्रमण्यम ने कहा कि ऐसे प्रयासों के लिए दोनों पार्टियों के सहयोग की जरूरत होगी।
उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप के पास अभी काफी डिप्लोमेटिक ताकत है। सांसद ने कहा- ट्रंप प्रशासन के पास अभी बांग्लादेश पर दबाव डालने के लिए ज्यादा डिप्लोमेटिक पावर है। हम देखेंगे कि वे भी क्या करते हैं। अगर वे चाहेंगे तो बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ ऐसी हिंसा को रोक सकते हैं।
बांग्लादेश में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सुब्रमण्यम ने इस बात पर चिंता जताई कि क्या अल्पसंख्यक आजादी से हिस्सा ले पाएंगे।
उन्होंने कहा- हम एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव देखना चाहेंगे जहां हर नागरिक की आवाज सुनी जाए। पिछले कुछ सालों में जो कुछ हुआ है, उसे देखते हुए हम चुनाव प्रक्रिया को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका आखिरकार किसी भी कानूनी रूप से चुनी गई सरकार के साथ काम करना चाहता है। सुब्रमण्यम ने यह भी चेतावनी दी कि बढ़ते अमेरिका विरोधी भावना और हिंसा से द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है।
Published on:
02 Jan 2026 08:14 am
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