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भारत पर सवाल उठाकर अपने ही देश में घिरे पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा

'मानव इतिहास में भारत दुनिया का सबसे विविधतापूर्ण देश'भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने ही देश में घिर गए हैं। बराक ओबामा ने ये टिप्पणी सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में उस समय की थी, जबकि पीएम नरेंद्र मोदी अमरीका की यात्रा पर थे।

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भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने ही देश में घिर गए हैं। बराक ओबामा ने ये टिप्पणी सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में उस समय की थी, जबकि पीएम नरेंद्र मोदी अमरीका की यात्रा पर थे। ओबामा की टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमरीकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) के पूर्व आयुक्त जॉनी मूरी ने कहा है कि ओबामा को भारत की आलोचना करने पर अपनी ऊर्जा खर्च करने की बजाय पूर्व राष्ट्रपति को भारत की प्रशंसा करनी चाहिए। मूरी ने भारतीय मुसलमानों के अधिकारों के बारे में पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मुझे लगता है कि मानव इतिहास में भारत दुनिया का सबसे विविधतापूर्ण देश है। यह एक आदर्श देश नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे अमरीका एक आदर्श देश नहीं है, लेकिन इसकी विविधता ही इसकी ताकत है। मूरी ने कहा, हमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की हर मौके पर सराहना करनी चाहिए। मूरी यही नहीं रुके। उन्होंने कहा, कोई हैरानी नहीं कि पीएम मोदी पर सवाल उठाने वाले उस इंटरव्यू में भी ओबामा भारत के पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। आखिर, मोदी से मिल जो चुके हैं ओबामा।

मूरी ने दे डाली ओबामा को नसीहत
पूर्व यूएससीआईआरएफ कमिश्नर ने ओबामा को नसीहत देते हुए कहा कि, पीएम मोदी की अमरीका की ऐतिहासिक यात्रा जश्न मनाने का एक अवसर था। इसलिए मुझे लगता है, इस पर कुछ आलोचना करने के बजाय, सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करना बेहतर है। आप जानते हैं, अपने दोस्तों के साथ, खासकर जब लोकतंत्र की बात आती है, तो निजी तौर पर आलोचना करना और सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करना बेहतर है। यही अच्छी जियो-पॉलिटिक्स है।

ओबामा ने क्या कहा था

पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा था राष्ट्रपति जो बाइडेन को पीएम मोदी से मुलाकात में भारत के साथ धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा उठाना चाहिए था, जैसा कि उन्होंने किया होता, अगर वह अभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति होते। ओबामा ने कहा था कि अगर भारत अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं करता है तो इस बात की प्रबल संभावना है कि एक बिंदु पर आकर देश बिखरने लगे। यह न केवल मुस्लिम भारतीयों बल्कि हिंदू भारतीयों के हितों के भी विपरीत होगा।

सात मुस्लिम देश, जिन पर ओबामा ने बरसाए थे बम
अपनी टिप्पणी को लेकर ओबामा भारत में भी आलोचना का सामना कर रहे हैं। भारत की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ओबामा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बराक के राष्ट्रपति रहते सात देशों के विरूद्ध युद्ध जैसे हालात बने। 26000 हजार से अधिक बम गिराए गए। ऐसे देश भारत के खिलाफ जब आरोप लगाते हैं तो उन पर कौन भरोसा करेगा। बता दें, जिन मुस्लिम देशों पर ओबामा के आदेश पर बमबारी की गई थी उनमें अफगानिस्तान, पाकिस्तान, लीबिया, यमन, सोमालिया, इराक और सीरिया हैं।

ओबामा जी, भारत का वसुधैव कुटुंबकम में भरोसाः राजनाथ सिंह
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भारत की वसुधैव कुटुंबकम अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि, ओबामा जी को यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो दुनिया में रहने वाले सभी लोगों को परिवार का सदस्य मानता है। साथ ही, उन्हें अपने बारे में भी सोचना चाहिए कि उन्होंने कितने मुस्लिम देशों पर हमला किया है।

अमरीकी सरकार को नीतिगत सिफारिश करता है यूएससीआईआरएफ

यूएससीआईआरएफ अमरीका के 1998 के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम द्वारा बनाया गया एक संघीय आयोग है, जो अमरीकी सरकार को नीतिगत सिफारिशें करता है। यूएससीआईआरएफ आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति, सीनेट और प्रतिनिधि सभा के सभापति द्वारा की जाती है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आध्यात्मिक सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके जॉनी मूरी कई वर्षों तक अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमरीकी आयोग के आयुक्त रह चुके हैं। 2021 में उनके काम के लिए चीन ने उन पर प्रतिबंध लगाए थे।