
Benjamin Netanyahu's phone call
अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) में हुई वार्ता का पहला दौर विफल होने के पीछे क्या वजह रही, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका के अनुसार ईरान ने उनका प्रस्ताव नहीं माना। वार्ता विफल रहने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इसी बीच अब ईरानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल उनके विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने एक बड़ा आरोप लगाया है।
अराघची ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के साथ जब बातचीत एक नतीजे पर पहुंचने वाली थी उसी दौरान इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) का फोन कॉल आया। इसके बाद पूरी बातचीत पटरी से उतर गई और पूरा ध्यान अमेरिका-ईरान से इज़रायल के हितों की ओर घूम गई। अमेरिका ने बातचीत की मेज पर वो हासिल करने का प्रयास किया जिसे वो जंग में भी नहीं पा सका।
अराघची के इस आरोप पर अमेरिका ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच ईरान के सिक्योरिटी चीफ इब्राहिम अजीजी (Ebrahim Azizi) के अनुसार समझौते की ज़रूरत अमेरिकियों को ज़्यादा है। अजीजी के अनुसार अगर अमेरिका की तरफ से ईरान की शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान अपने रास्ते पर चलेगा।
वार्ता विफल होने के बावजूद अभी भी सीज़फायर जारी है। इसी बीच खबर आई है कि चीन (China) की तरफ से ईरान को नया एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराया जा रहा है। अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चीन को चेतावनी दी है कि यह दावा सच साबित होने पर चीन को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
Updated on:
13 Apr 2026 08:14 am
Published on:
13 Apr 2026 08:13 am
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