29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नेपाल में पहली बार टूटी परंपरा, गणतंत्र दिवस पर PM बालेन शाह ने न भाषण दिया, न जनता को बधाई दी

Nepal में गणतंत्र दिवस पर पीएम बालेन शाह ने न तो भाषण दिया और न ही देश को शुभकामना दी। प्रधानमंत्री के इस हैरान करने वाले रवैये से इस वक्त पूरा देश पूरी तरह चकित है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ankit Sai

May 29, 2026

PM Balen Shah

पीएम बालेन शाह (X-Photo)

Nepal Republic Day: नेपाल में हर साल गणतंत्र दिवस बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। साल 2008 में इसी ऐतिहासिक तारीख को नेपाल को एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया था और देश से 240 साल पुरानी राजशाही का हमेशा के लिए अंत हुआ था।लेकिन इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन की सालों पुरानी परंपरा पहली बार टूट गई। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब नेपाल के गणतंत्र दिवस पर पीएम ने भाषण नहीं दिया, और तो और उन्होंने देश की जनता को शुभकामना तक नहीं दी। नेपाल की जनता इसे लेकर चकित हैं कि आखिर पीएम ऐसा कर क्या रहे हैं।

PM ने नहीं दिया भाषण

नेपाल में प्रधानमंत्री की जगह देश के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शुक्रवार को टुंडीखेल सैन्य मैदान में आयोजित विशेष समारोह को संबोधित किया। दिलचस्प बात यह है कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह इस कार्यक्रम में खुद मौजूद तो थे, लेकिन उन्होंने मंच से एक शब्द भी नहीं बोला। बालेन शाह ने ही खुद राष्ट्रपति पौडेल को बकायदा पत्र लिखकर इस विशेष समारोह को संबोधित करने का अनुरोध किया था। इस ऐतिहासिक मौके पर पहली बार मंच संभालते हुए राष्ट्रपति ने देश को एक बेहद कड़ा और बड़ा संदेश दिया।

आखिर कब से चुप हैं प्रधानमंत्री बालेन शाह

अब देश के भीतर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर प्रधानमंत्री इतने दिनों से मौन क्यों हैं? पहले नेपाल में यह पक्की परंपरा थी कि सरकार का मुखिया यानी प्रधानमंत्री ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, विशिष्ट राज्य अधिकारियों और विदेशी दूतावासों के मेहमानों की मौजूदगी में मुख्य भाषण देता था। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद बालेन शाह ने पहली बार भक्तपुर में नेपाल सेना के एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। वहीं, उस कार्यक्रम के बाद से लेकर आज तक बालेन ने किसी भी सार्वजनिक समारोह में देश की जनता को सीधे संबोधित नहीं किया है। उनकी यह लंबी चुप्पी अब गहरे सस्पेंस में बदल चुकी है।

PM ने शुभकामना तक नहीं दी

बात सिर्फ भाषण न देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की जनता को बधाई या शुभकामनाएं तक नहीं दीं, जिसे राजनीतिक गलियारों में बेहद गंभीर माना जा रहा है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि सत्ताधारी दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष, रबी लामिछाने ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश को कोई शुभकामना संदेश नहीं दिया।

हजारों शहीदों के सर्वोच्च बलिदान से मिले इस गणतंत्र के मौके पर सरकार के मुखिया और सत्ता चला रही पार्टी की तरफ से इस तरह की बेरुखी ने अब एक नए डर को जन्म दे दिया है। नेपाल के राजनीतिक जानकारों के बीच अब इस बात की आशंकाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं कि क्या यह मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का कोई बड़ा और सोचा-समझा प्रयास है?