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‘अगले 5 साल में टूटेगा गर्मी का रिकॉर्ड’, WMO ने दी भीषण सूखे और धरती के ‘आग’ उगलने की चेतावनी

दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या बन गई है, जिससे वैश्विक तापमान भी बढ़ रहा है। इससे गर्मी के लेवल बढ़ रहा है। इसी बीच विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। क्या है यह चेतावनी? आइए जानते हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

May 29, 2026

Heating earth

धरती हो रही है गर्मी, अगले 5 साल में टूटेगा गर्मी का रिकॉर्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने हाल ही में एक नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने गंभीर चेतावनी दी है कि अगले 5 साल वैश्विक तापमान तेज़ी से बढ़ेगा और गर्मी का रिकॉर्ड टूट जाएगा। WMO के अनुसार 2026-2030 के दौरान हर साल का औसत वैश्विक तापमान 1850-1900 (पूर्व-औद्योगिक काल) की तुलना में 1.3 डिग्री सेल्सियस से 1.9 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा रहने की संभावना है।

टूटेगा 2024 का रिकॉर्ड

WMO की रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 सबसे गर्म साल रहा है, लेकिन 86% संभावना है कि अगले 5 साल में यह रिकॉर्ड टूट जाएगा। रिपोर्ट में 91% संभावना बताई गई है कि 2026-2030 के दौरान किसी एक साल में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाएगा। 5 साल के औसत तापमान के 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा होने की संभावना 75% है।

लगातार बढ़ रहा है ग्रीनहाउस गैसों का लेवल

यह चेतावनी ग्रीनहाउस गैसों के लगातार बढ़ते लेवल के कारण है। आगे आने वाले समय में इसमें कमी की कोई संभावना नहीं है, जो चिंता का विषय है।

क्या होंगे प्रभाव?

गर्मी के बढ़ने से कई खतरनाक प्रभाव देखने को मिलेंगे। इस वजह से दुनिया के कई देशों में हीटवेव और बढ़ेगी और इसकी समयावधि भी लंबी होगी। बारिश बढ़ेगी, लेकिन सूखा भी बढ़ेगा और धरती 'आग' उगलेगी। बढ़ती गर्मी से जंगलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ेगा और इस तरह की घटनाओं में इजाफा देखने को मिलेगा। आर्कटिक क्षेत्र सामान्य से तीन गुना तेज़ गर्म हो रहा है, जिससे समुद्र स्तर बढ़ेगा और ग्लेशियर पिघलेंगे। एमेज़ॉन जैसे क्षेत्र सूखे की चपेट में आएंगे। बढ़ती गर्मी से कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य और जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा पैदा होगा।

क्या हैं समाधान?

बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए समाधान भी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि उत्सर्जन में तीव्र कटौती करना बेहद ज़रूरी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर उत्सर्जन कम नहीं हुए तो रिकॉर्ड गर्मी नया सामान्य बन जाएगी, जिससे मानवता और प्रकृति दोनों को भारी नुकसान होगा। ऐसे में इसमें कटौती के लिए हर संभव प्रयास ज़रूरी है। इसके अलावा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और इस विषय में जागरूकता बढ़ाने से भी फायदा मिलेगा। जंगलों की सुरक्षा और अनुकूलन रणनीतियाँ अपनानी ज़रूरी हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के इस्तेमाल से भी पर्यावरण को फायदा मिल सकता है। जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए लोगों को जागरुक करना भी बेहद ज़रूरी है।