बांग्लादेश में चीनी राजदूत ली जिमिंग ने अपने आप को भारत का बहुत बड़ा प्रशंसक बताया है। इसके साथ ही उन्होंने चीन और भारत के बीच संबंधों के सुधार को लेकर भी बात कही है। ली ने कहा कि चीन भारत का रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी नहीं है।
बांग्लादेश में शीर्ष चीनी राजदूत ली जिमिंग ने कहा कि "वह व्यक्तिगत रूप से भारत के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। उन्हें लगता है कि भारत और चीन आर्थिक, भू-राजनीतिक सहित अन्य मुद्दों को मिलकर सुलझाने के लिए काम कर सकते हैं।" इसके साथ ही ली जिमिंग ने कहा कि चीन का भारत के साथ कोई रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं है। हम बंगाल की खाड़ी में 'भारी हथियारों के जमावड़े' को नहीं देखना चाहते हैं।"
वहीं इससे पहले भारत में चीनी राजदूत सुन वेइदॉन्ग ने अपने तीन साल के कार्यकाल पूरे होने पर विदाई समारोह में संबोधित करते हुए भी भारत-चीन के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए कहा था। सुन वेइदॉन्ग ने बीते मंगलवार को संबोधित करते हुए कहा था कि पड़ोसी देश होने के नाते चीन और भारत के बीच कुछ मतभेद होना स्वाभाविक है, जिसे दोनों देशों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।
गलतफहमी और गलत अनुमान से बचने की जरूरत: सुन वेइदॉन्ग
सुन वेइदॉन्ग ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की राजनीतिक प्रणालियों का सम्मान करना चाहिए। इसके साथ ही एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांत को बनाए रखते हुए "गलतफहमी और गलत अनुमान" से बचने की जरूरत है।
29 महीने से अधिक समय से भारत-चीन के बीच जारी है गतिरोध
जून 2020 में गलवान घाटी भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुए संघर्ष के बाद से दोनों देशों के बीच गतिरोध जारी है। इसके बाद से लगातार दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं, जिसको अब 29 महीनों से अधिक का समय हो गया है।
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