
Bangladesh
Bangladesh: बांग्लादेश में पिछले दिनों बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता मोहम्मद बाबुल मिया की पीट-पीट कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद अब पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष का बड़ा बयान सामने आय़ा है। कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश और उसके लोगों को षड्यंत्र से बचाने के लिए लोकतांत्रिक ताकतों के बीच एकता जरूरी है। तारिक ने चेतावनी दी है कि निरंकुश ताकतें फिर से उभरने की कोशिश कर रही हैं और साजिशकर्ता चुप नहीं बैठे हैं। हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ईदगाह मैदान में जशोर जिला इकाई BNP की परिषद को वर्चुअली संबोधित करते हुए पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक ने कहा कि "अगर हम देश के लोगों की रक्षा करना चाहते हैं और सबसे बढ़कर बांग्लादेश की सुरक्षा करना चाहते हैं, तो हमें किसी भी कीमत पर एकजुट रहना होगा।" उन्होंने कहा कि “हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं। हम साथ बैठकर चर्चा करेंगे। अगर एक बार कि बैठक में बात नहीं हो पाएगी दो दोबारा बैठक करेंगे।
इसके अलावा तारिक ने शेख हसीना पर सत्ता में बने रहने के लिए हत्याओं और लोगों को जबरन गायब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हसीना के लंबे निरंकुश शासन के दौरान, BNP और दूसरे राजनीतिक दलों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया और दमन सहा।
बता दें कि BNP नेता मोहम्मद बाबुल मिया की शुक्रवार दोपहर को बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये घटना ढाका के उपजिला धामराई में घटित हुई। बाबुल की पत्नी यास्मीन बेगम ने कहा, हमलावरों ने उन्हें डंडों और SS पाइपों से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी दोनों आंखें भी फोड़ दीं यहां तक कि उनकी जीभ भी बाहर निकल आई। स्थानीय लोग बीच बचाव करने आए तो उन्हें रोक दिया गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया जाता है कि बाबुल पर उस समय लोगों के एक समूह ने हमला किया जब वह और उसकी पत्नी अक्षिरनगर हाउसिंग के पास सरसों की कटाई कर रहे थे। यास्मीन ने बताया कि रियल एस्टेट अक्षिरनगर हाउसिंग को लेकर ग्रामीणों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। कुछ और लोगों का दावा है कि मृतक बाबुल का हमलावरों के साथ तालाब के स्वामित्व को लेकर विवाद था।
इस घटना ने एक बार फिर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को सवालों के घेरे में ला दिया जिस पर अराजकता को नियंत्रित करने में नाकाम रहने के आरोप लगते रहे हैं।
Updated on:
23 Feb 2025 11:45 am
Published on:
23 Feb 2025 11:43 am
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