BRICS Summit 2025: पीएम मोदी ने BRICS समिट से पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर हमला बोलते हुए कहा, आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। आतंक को शह और समर्थन देने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
BRICS Summit 2025: जोहान्सबर्ग में आयोजित BRICS समिट 2025 में भारत के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले का मुद्दा छाया रहा। BRICS के सभी सदस्य देशों ने इस हमले की सख्त निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प दोहराया। रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों ने भी भारत के साथ एकजुटता दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है।
पीएम मोदी ने इस मंच से पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर हमला बोलते हुए कहा, आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। आतंक को शह और समर्थन देने वालों को सजा मिलनी चाहिए। कोई भी देश या संस्था इस खतरे से अलग नहीं रह सकता। मोदी ने कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर किया गया हमला कायरता की निशानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता रहेगा और आतंक को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
BRICS समिट में संयुक्त बयान में कहा गया कि किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों को जायज नहीं ठहराया जा सकता और इसका कोई औचित्य नहीं हो सकता। BRICS नेताओं ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ब्राजील, रूस और दक्षिण अफ्रीका ने भी भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समर्थन देने का भरोसा जताया। चीन ने भी कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी के सख्त रुख और BRICS देशों की एकजुटता से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ गया है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के मुद्दे को मजबूती से उठाया है, जिसका असर अब दिखने लगा है।
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि वह आतंक के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और आतंक को समर्थन देने वाले देशों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। BRICS समिट में पहलगाम आतंकी हमले की चर्चा और पाकिस्तान पर पीएम मोदी की सख्ती ने यह साफ कर दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक नेतृत्व करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।