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ईरान के न्यूक्लियर प्लांट के पास हमले के बाद रूस अलर्ट, अपने 198 विशेषज्ञों को तुरंत निकाला

Bushehr Nuclear Power Plant Attack: ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमले के बाद रूस अलर्ट, 198 विशेषज्ञों को सुरक्षित निकाला, वैश्विक सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता।

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 04, 2026

Bushehr Nuclear Power Plant Attack

Bushehr Nuclear Power Plant Attack

Bushehr Nuclear Power Plant Attack: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हुए हमले ने हालात को और गंभीर बना दिया है। इस घटना के बाद रूस तुरंत अलर्ट मोड में आ गया और संयंत्र में तैनात अपने विशेषज्ञों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है।

अपने 198 विशेषज्ञों का किया इमरजेंसी रेस्क्यू

हमले के तुरंत बाद रूस की सरकारी परमाणु एजेंसी रोसाटॉम (Rosatom) ने कार्रवाई करते हुए बुशहर प्लांट पर मौजूद 198 कर्मचारियों और विशेषज्ञों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस प्रक्रिया को इमरजेंसी इवैक्युएशन बताया गया है। रूस का यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि स्थिति को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

परमाणु साइट पर हमले की निंदा

रूस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने इसे खतरनाक कृत्य बताया और कहा कि परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाना बेहद जोखिम भरा है। उनके मुताबिक, ऐसे हमले न केवल क्षेत्र बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

बढ़ता तनाव और सैन्य गतिविधियां

इस हमले के बाद मध्य-पूर्व में पहले से चल रहा तनाव और बढ़ गया है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है, जिससे स्थिति और जटिल होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में बड़े टकराव की आशंका को बढ़ा सकता है।

IAEA ने क्या कहा?

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस घटना पर चिंता जताई है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब तक मुख्य परमाणु रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वह सुरक्षित है।

रेडिएशन को लेकर सतर्कता

हालांकि किसी तरह के रेडिएशन फैलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु साइट पर किसी भी तरह का हमला संभावित जोखिम को बढ़ा देता है। ऐसे में आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने की जरूरत बताई जा रही है।

मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यह संघर्ष अब सिर्फ सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।