6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

भारतीय की मौत ने खोली कनाडाई हेल्थ सिस्टम की पोल, विदेशी अस्पतालों की कई कमियां उजागर!

Canada Healthcare Crisis: कनाडा इस समय हेल्थ सिस्टम में मौजूद कमियों की वजह से कड़ी आलोचनाएं झेल रहा है। हाल ही में कनाडा के एक अस्पताल में भारतीय मूल के व्यक्ति की मौत ने कनाडा के हेल्थ सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Kuldeep Sharma

Dec 29, 2025

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फाइल फोटो- पत्रिका)

Indian Man Dead In Canada: विदेशी हेल्थ सिस्टम भारत से बेहतर है। अक्सर यह बात कही जाती है, लेकिन विदेशी हेल्थ सिस्टम भी कई बड़ी कमियों का शिकार है।

कनाडा के हेल्थ सिस्टम पर एक रिपोर्ट पब्लिश हुई है, जिसमें उसके हेल्थ सिस्टम से जुड़ी भारी कमियों को उजागर किया गया है। इसमें स्टाफ की कमी से लेकर लंबे समय तक इंतजार करना भी शामिल है।

कनाडा के हेल्थ सिस्टम को तब कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा, जब कनाडा के अस्पताल में एक व्यक्ति को इलाज के लिए 8 घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि व्यक्ति की मौत समय पर इलाज न मिलने के कारण हो गई थी।

कनाडा में भारतीय की मौत

खबरों के मुताबिक, प्रशांत श्रीकुमार एडमोंटन के ग्रे नन्स कम्युनिटी हॉस्पिटल में इलाज कराने गए थे। जहां प्रशांत की 22 दिसंबर को समय पर इलाज न मिलने के कारण संदिग्ध हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी।

अकाउंटेंट प्रशांत को काम के दौरान सीने में तेज दर्द होने पर अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती किया गया और फिर उन्हें वेटिंग रूम में बैठा दिया गया। इस दौरान उन्हें दर्द कम करने के लिए केवल टाइलेनॉल की कुछ खुराकें ही दी गईं।

परिवार के सदस्य के अनुसार, 8 घंटे के लंबे इंतजार के बाद उन्हें ट्रीटमेंट रूम में ले जाया गया। इसके बाद प्रशांत, हृदय गति के रुकने से कुछ ही सेकंड में गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।

कनाडाई अस्पतालों पर अध्ययन

प्रशांत की मौत ने कनाडा के हेल्थ सिस्टम की पोल खोली है। जिसमें कनाडा के अस्पतालों में एक बड़ी कमी इलाज के लिए लंबा इंतजार करना शामिल है।

हाल ही में कनाडा के अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर अध्ययन किया गया है। कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, लगभग 5 में से 1 व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों को झेलना पड़ता है। उन्हें प्राथमिक इलाज या सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। इनमें से कुछ सेवाएं, जैसे क्लीनिक, पारिवारिक चिकित्सक और नर्स प्रैक्टिशनर, पीड़ित के पास नियमित रूप से नहीं पहुंच पाती हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में 59 लाख से अधिक वयस्कों को प्राथमिक उपचार समय पर नहीं मिल पाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जिन लोगों ने तत्काल अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश की, उनमें से 22.8 प्रतिशत को 2 या उससे अधिक सप्ताह तक लंबा इंतजार करना पड़ता है। यहां तक कि कई लोगों को कभी अपॉइंटमेंट ही नहीं मिल पाता हैं।

क्या है "गोल्डन आवर" का सिद्धांत?

अस्पताल इमरजेंसी ट्रीटमेंट में "गोल्डन आवर" का सिद्धांत अपनाते हैं। इसमें गंभीर चोट या इमरजेंसी स्थिति (स्ट्रोक या दिल का दौरा) के बाद अगले 60 मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इन 60 मिनट में मरीज के स्वस्थ होने की संभावनाएं अधिक होती हैं।