
चीन में कोरोना (फोटो-IANS)
चीन (China) में एक पत्रकार को कोरोना (COVID-19) की सच्चाई उजागर करने के लिए 4 साल की सजा सुनाई गई है। पत्रकार झांग झान (Zhang Yan) को दूसरी बार जेल भेजा गया है। झान को साल 2020 में भी कोरोना की सच्चाई दिखाने के कारण चार साल की सजा मिली थी। झान ने उस दौरान वुहान की सड़कों और अस्पतालों से कोरोना की शुरुआती रिपोर्टिंग की थी। उनके न्यूज रिपोर्ट्स ने सरकारी नैरेटिव से इतर वुहान की जमीनी सच्चाई बताई थी।
रिपोर्टस विदआउट बॉर्डर्स ने कहा कि झान को इसके लिए सम्मानित किया जाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्हें अमानवीय तरीके से जेल में कैद करके रखा गया है। संगठन ने अंतराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि झान की रिहाई को लेकर चीन की CCP पर दवाब बनाया जाए, ताकि वह झान को रिहा करें। वहीं, रिपोर्टस विदाउट बॉर्डस ने कहा कि चीन दुनिया में पत्रकारों की सबसे बड़ी जेल है, जहां इस समय कम से कम 124 पत्रकार कैद हैं। प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2025 में चीन 180 देशों में 178वें स्थान पर है।
एक अन्य संस्था ने झान पर लगे आरोपों को साजिश करार दिया है। संगठन ने कहा कि चीनी प्रशासन को झांग पर लगे सभी आरोप हटाकर उन्हें तुरंत रिहा करना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, चीन में कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी से आधिकारिक तौर पर केवल 1,22,398 मौतें दर्ज की गई हैं। लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि वास्तविक संख्या 10 से 20 लाख तक हो सकती है। एक्सेस मॉर्टेलिटी (अतिरिक्त मौतें) के आंकड़ों से पता चलता है कि अस्पतालों के बाहर हुई मौतें और सांस संबंधी विफलता को छोड़कर अन्य कारणों को गिना नहीं गया।
Updated on:
22 Sept 2025 07:18 am
Published on:
22 Sept 2025 07:18 am
