16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ताइवान के पास चीन ने किये 16 वॉरशिप्स और 73 फाइटर जेट्स तैनात, युद्ध का खतरा बढ़ा

China-Taiwan Conflict: चीन और ताइवान के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद और तनाव की स्थिति किसी से भी नहीं छिपी है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति और बढ़ी है और अब चीन ने हाल ही में कुछ ऐसा किया है जिससे यह तनाव तो और बढ़ेगा ही, साथ ही ताइवान की टेंशन भी बढ़ेगी।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Tanay Mishra

Jul 18, 2023

china_deploys_warships_and_fighter_jets_near_taiwan.jpg

China deploys warships and fighter jets in big numbers near Taiwan

चीन (China) और ताइवान (Taiwan) दो ऐसे देश हैं जिनके बीच लंबे समय से विवाद रहा है। चीन और ताइवान के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव और भी बढ़ा है। ताइवान को अमरीका (United States Of America) का समर्थन मिलने से भी चीन की नाराज़गी बढ़ी है। हाल ही में चीन ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे दोनों देशों के बीच निश्चित रूप से तनाव बढ़ेगा। पर चीन के हाल ही में उठाए कदम से ताइवान की टेंशन बढ़ना भी तय है।


चीन के किस फैसले से बढ़ेगी ताइवान की टेंशन?

ताइवान के रक्षा मंतालय ने हाल ही में जानकारी दी है कि चीन ने बड़ी संख्या में ताइवान के पास वॉरशिप्स और फाइटर जेट्स तैनात करने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस समय ताइवान की बॉर्डर के पास 73 फाइटर जेट्स तैनात किए गए हैं। इतना ही नहीं, ताइवान के पास पानी में 16 वॉरशिप्स भी तैनात कर दिए गए हैं।


यह भी पढ़ें- यूक्रेन की अनाज निर्यात डील हुई खत्म, रूस ने किया बढ़ाने से इनकार

घेराबंदी और युद्ध का खतरा बढ़ा

चीन के इस कदम से उसके ताइवान की घेराबंदी और उसके बाद युद्ध के छिड़ने का खतरा बढ़ गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि चीन भी ताइवान के खिलाफ एक्शन ले सकता है। हालांकि ऐसा अब तक हुआ नहीं। पर चीन ने समय-समय पर ताइवान के खिलाफ संभावित युद्ध के लिए अपना शक्ति प्रदर्शन करने का मौका भी नहीं छोड़ा।

क्या है दोनों देशों के बीच तनाव की वजह?

दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच तनाव की यही वजह है।

यह भी पढ़ें- लंदन में हिंदू विरोधी मौलवी अंजेम चौधरी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, आतंकियों से संबंधों का आरोप