
फाइटर जेट, प्रतिकात्मक तस्वीर (फोटो- एएनआई)
China-Taiwan tensions: चीन ने एकबार फिर अपना आक्रमक रवैया दिखाया है। ताइवान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीनी एयरफोर्स के दो विमान और नेवी के 6 विमानों ने ताइवान की वायु सीमा का उल्लंघन किया। मंत्रालय ने बताया कि 2 में से 1 विमान ने मीडियन लाइन पार की और ताइवान के उत्तरी ADIZ में घुस गया। ताइवान की रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हम चीन की हरकतों पर नजर रख रहे हैं।
इससे पहले सोमवार को ताइवान के आसपास PLA के दो विमानों और PLA नेवी के आठ जहाजों को ऑपरेट करते हुए देखा गया। ताइवान ने कहा कि दोनों विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मीडियन लाइन पार की और ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में घुस गए।
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा कि वह ताइवान की सुरक्षा करना जारी रखेंगे और चीन को हस्तक्षेप नहीं करने देंगे। राष्ट्रपति लाई ने सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ के तौर पर देश की रक्षा करने और सभी नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा करने का संकल्प लिया। राष्ट्रपति लाई ने कहा कि मैं निश्चित रूप से राष्ट्र की रक्षा करूंगा और चीन के दबाव या चीन के हाथ को ताइवान तक बिल्कुल नहीं पहुंचने दूंगा।
चीन-ताइवान विवाद 1949 के चीनी गृहयुद्ध से उत्पन्न हुआ। जब गृहयुद्ध हारने वाली राष्ट्रवादी सरकार ताइवान भाग गई और वहां Republic of China (ROC) स्थापित की। इधर, माओ के नेतृत्व में कम्युनिस्ट पार्टी ने पीपल्स रिपब्लिक चाइना की नींव रखी। आज का चीन (PRC) ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है और एक चीन सिद्धांत यानी वन चाइना पॉलिसी पर जोर देता है, जिसमें पुनर्मिलन अपरिहार्य है। चाहे यह शांतिपूर्ण हो या बलपूर्वक। बीते कुछ सालों से चीन और ताइवान के बीच तनाव चरम पर है। चीन नियमित रूप से ताइवान के आसपास बड़े सैन्य अभ्यास, विमान उड़ानें (रक्षा क्षेत्र उल्लंघन) और नौसैनिक गतिविधियां करता है।
Updated on:
20 Jan 2026 10:04 am
Published on:
20 Jan 2026 10:00 am
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