
इमरान खान और नवाज़ शरीफ़
Pakistan के चुनावों के नतीजे आए एक हफ्ते से ज्यादा हो गया है, लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि वहां की सत्ता आखिर किसके हाथों में जाएगी, क्या PML-N के नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) या शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) में से कोई प्रधानमंत्री बनेगा, या फिर एक बार फिर इमरान खान (Imran Khan) पाकिस्तान की सत्ता संभालेंगे। कुछ दिन पहले तक ये बातें चल रही थीं कि PPP यानी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने नवाज शरीफ की पार्टी PML-N को समर्थन दे दिया है, ऐसे में अब PML-N से प्रधानमंत्री का बनना तय है, लेकिन अब पाकिस्तान की इस उलझी हुई सियासत में एक नया ट्विस्ट आ गया है। वो ये कि अब विपक्ष में बैठने का मन बना चुके इमरान खान के सत्ता की कुर्सी पर पहुंचने की खबरों ने सियासत के गलियारों को गर्मा दिया है।
Imran Khan ने की ISI से डील
पाकिस्तान की गड़बड़ाई सियासत को लेकर JUIF यानी जमीयत उलेमा ए-इस्लाम -F पार्टी के एक नेता अमीर फजल उल रहमान ने इस बात का दावा किया है कि इमरान खान (Imran Khan) भले ही जेल में कैद हैं, लेकिन वो हर एक तिगड़म लगा रहे हैं, जिससे वो पाकिस्तान के वज़ीरे-ए-आज़म बन सकें और इसके लिए उन्होंने पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI से भी जोड़-तोड़ करने में परहेज़ नहीं किया। उनका कहना है कि इमरान इस हद तक इसलिए पहुंचे हैं, क्योंकि पाकिस्तान में PML-N के नवाज शरीफ़ या शाहबाज़ शरीफ़ के प्रधानमंत्री बनने की गुंजाइश लगभग खत्म सी हो रही है।
क्यों PML-N से अभी तक नहीं बन पाया प्रधानमंत्री
दरअसल पाकिस्तान के चुनाव के नतीजों ने किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं दिया है। बहुमत तो छोड़िए, ये पार्टियां बहुमत के आसपास भी नहीं दिखाई दे रही हैं। ऐसे में अब मुख्य पार्टियां इमरान खान (Imran Khan) की PTI, नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की PML-N और बिलावल भुट्टो की PPP अब जोड़तोड़ और गठबंधन की सिय़ासत खेल रही हैं और सत्ता बनाने की मशक्कत में लगी हैं। बिलावल भुट्टो के PML-N को समर्थन देने के बाद पार्टी के अध्यक्ष शाहबाज़ शरीफ ने प्रेस-कांफ्रेंस कर ये भी बता दिया था कि उनका पार्टी से ही अब देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा। वो शख्स नवाज़ शरीफ़ भी हो सकते हैं या उनके भाई और वर्तमान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ भी। लेकिन PPP और PML-N के एक साथ आने के बावजूद वो बहुमत को छू भी नहीं पा रहे हैं, ऐसे में उन्हें पाकिस्तान (Pakistan) के दूसरे सियासी दलों और निर्दलियों का भी साथ लेना पड़ रहा है, जो कि सबसे मुश्किल साबित होता जा रहा है। क्योंकि सभी निर्दलीयों और छोटी पार्टियों के नेताओं को साथा लाना और उनका समर्थन लेना पार्टी के लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है। अभी तक PML-N को उतने साथी नहीं मिले हैं, जितने की सरकार बनाने के लिए चाहिए।
क्या है Pakistan का चुनावी गणित ?
10 फरवरी को आए पाकिस्तान के चुनाव नतीजों ने हर किसी को हैरान कर दिया, क्योंकि इन नतीजों में किसी को भी बहुमत नहीं मिला। पाकिस्तान में 266 सीटों पर मतदान हुआ था। जबकि यहां की नेशनल एसेंबली में 366 सीटें हैं, बाकी 70 सीटें आरक्षित हैं। इनमें से 10 सीटें गैर मुस्लिमों के लिए हैं और बाकी 60 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इस चुनाव में इमरान खान की PTI ने 93 सीटें जीतीं, नवाज़ शरीफ़ की PML-N को महज़ 75 सीटें मिलीं और बिलावल भुट्टो की PPP को 54 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। इनके अलावा दूसरे छोटे दलों को 21 सीटें मिली हैं। लेकिन सरकार के लिए जिस मैजिक नंबर यानी बहुमत की जरूरत है, उसका आंकड़ा 134 है, जो इनमें से किसी भी दल के पास नहीं है। इसलिए कई दिनों से जोड़-तोड़ की राजनीति चल रही है।
सेना ने भी Imran Khan को दिया था पीएम बनने का ऑफर !
पिछले दिनों तो ये भी खबर आई थी कि जेल में बंद इमरान खान (Imran Khan) की मदद के लिए वहां की सेना ने हाथ बढ़ाया है। सेना ने इमरान खान को प्रधानमंत्री बनाने का ऑफर दिया था, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। लेकिन ये शर्तें इमरान खान पूरा करने की स्थिति में नहीं थे, ऐसे में इमरान खान को इस मौके से भी हाथ धोना पड़ा।
वहीं दूसरी तरफ इमरान खान देश की आवाम को उनके लिए एकजुट कर रहे हैं, इमरान के समर्थक की जगह विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले दिनों तो PTI ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बुलाकर इस्लामाबाद में कथित तौर पर चुनाव परिणाम बदलने के सबूत दिखाए थे। पार्टी ने मीडिया से कहा था कि इस पूरी धांधली की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा आज इमरान खान ने जनता को बुलाया है। वो प्लेकार्ड के जरिए प्रदर्शन करने को कह रहे हैं।
Published on:
17 Feb 2024 12:33 pm
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