
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-IANS)
US Citizens Exit Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले मुल्कों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया है। वहीं अब अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है कि वहां मनमानी गिरफ्तारी, पूछताछ और प्रताड़ना का गंभीर खतरा है।
ट्रंप प्रशासन ने कहा कि ईरान की इस्लामिक रीजिम ने पूरे देश में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया है, जिससे संचार पूरी तरह ठप हो गया है। 16 जनवरी तक उड़ाने रद्द कर दी गई हैं। लिहाजा, अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि वह अर्मेनिया या तुर्किए के जरिए सड़क मार्ग से बाहर निकलें।
ट्रंप प्रशासन ने कहा कि ईरान की इस्लामिक रीजिम दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देती है। ऐसे में वह दोहरी नागरिकता वाले अमेरिकी नागरिकों को जबरन गिरफ्तार करके परेशान कर सकती है। अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से संबंध होने का कोई भी सबूत गिरफ्तारी का आधार बन सकता है। अमेरिका ने कहा कि ईरान में कोई दूतावास नहीं होने के कारण वह राजनयिक मदद पहुंचाना भी बेहद मुश्किल है।
ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर एमनेस्टी इंटरनेशनल का बयान भी आया है। एमनेस्टी ने कहा कि ईरान की इस्लामिक रीजिम ने जानबूझकर ब्लैकआउट किया है। यह मानवाधिकारों के उल्लंघन को छिपाने की कोशिश है। संस्था ने कहा कि इस अशांति के कारण लुफ्थांसा, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस और कतर एयरवेज जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी सेवाएं सीमित या रद्द कर दी हैं। तेहरान का इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब अलग-थलग पड़ गया है, जिससे यात्रियों का निकलना मुश्किल हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई को खुली चुनौती दी है कि अगर उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ नरमी नहीं बरती तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति निवास व्हाइट हाउस ने कहा कि अगर ईरान ने 'रेड लाइन' पार की, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
Published on:
13 Jan 2026 08:58 am
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